कनाडा निवासी एनआरआई ने क्रिकेट टीम की फ्रेचांइजी दिलाने के नाम पर ढाई करोड़ रूपए धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। कनाडा निवासी रियल स्टेट कारोबारी हेमंत शर्मा ने प्रैस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते हुए आरोप लगाया कि कारोबार के सिलसिले में दिल्ली में उनकी मुलाकात हरिद्वार निवासी मनीष भट्ट से हुई थी। मनीष भट्ट ने उन्हें बड़े-बड़े क्रिकेट खिलाड़ियों से जान पहचान का हवाला देते हुए नॉर्दन वॉरियर की फ्रेंचाइजी दिलाने का भरोसा दिलाया।
मनीष भट्ट के भरोसे में आकर उन्होंने ढाई करोड़ रूपए दे दिए। लेकिन अनुबंध किसी अन्य टीम के साथ करा दिया गया। फ्रेंचाइजी नही मिलने और धोखाधड़ी का अहसास होने पर उन्होंने मनीष भट्ट से बात करने की कोशिश की। लेकिन वह केवल वहाट्अप चैट पर ही बात करता है और पैसे वापस मांगने पर कोरे आश्वासन देता रहता है। एक वर्ष बीत जाने पर उन्होंने 17 सितम्बर को हरिद्वार आकर एसएसपी कार्यालय में शिकायत दर्ज करायी है। हेमंत शर्मा ने पुलिस प्रशासन के साथ मुख्यमंत्री से भी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर उनके पैसे वापस दिलाने की गुहार लगायी है। हेमंत शर्मा ने कहा कि प्रैसवार्ता करने का उनका उद्देश्य लोगों को सावधान करना भी है। जिससे कोई अन्य व्यक्ति इस प्रकार धोखाधड़ी का शिकार ना हो। प्रैसवार्ता के दौरान हेमंत शर्मा के साथ मौजूद रहे सुमित चौधरी और नीरज चौधरी ने भी सरकार और प्रशासन से जांच कर रकम वापस दिलाने की मांग की। दूसरी और मनीष भट्ट ने सभी आरोपों को मिथ्या एवं बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि आपसी रंजिश और 35 लाख की देनदारी से बचने के लिए उनके ऊपर मनगढंत आरोप लगाए गए हैं। कोर्ट में विचाराधीन 35 लाख की देनदारी के मुकद्मे में वे गवाह हैं। इसलिए उन पर आरोप लगाए गए हैं। जिस टीम से फ्रेंचाइजी को लेकर हेमंत शर्मा का एग्रीमेंट हुआ है। वह उसे भी नहीं जानते हैं। मनीष भट्ट ने कहा कि वे जल्द ही कानूनी कार्रवाई करेंगे।

