मौसम विभाग द्वारा 14 अगस्त से प्रदेश में तेज बारिश का पूर्वानुमान जारी, आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा सभी जिलों को एडवाइजरी जारी की गई।

हरिद्वार उत्तराखंड मौसम एवं जलवायु

प्रदेश में कल शुक्रवार से तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून द्वारा आज वृहस्पतिवार को जारी 05 दिन का मौसम पूर्वानुमान जारी किया गया है, इसके साथ ही राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र द्वारा सभी जनपदों को पत्र जारी कर आवश्यक सावधानियां एवं तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम वैज्ञानिक डॉ सी एस तोमर ने मौसम का पूर्वानुमान जारी करते हुए कहा है कि

आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन ने सभी जिलाधिकारियों एवं संबंधित विभागों को मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए और किसी भी आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 14 अगस्त को देहरादून, पिथौरागढ़, बागेश्वर एवं नैनीताल जनपदों में ऑरेंज अलर्ट रहेगा। इन जनपदों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा तथा गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने एवं वर्षा के अति तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर की संभावना है। वहीं हरिद्वार ,चम्पावत, टिहरी, पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग एवं ऊधमसिंह नगर में कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना तथा राज्य के शेष जनपदों में गरज-चमक के साथ वर्षा के तीव्र से अति तीव्र दौर की संभावना के दृष्टिगत येलो अलर्ट रहेगा।

15 अगस्त को राज्य के सभी जनपदों में येलो अलर्ट रहेगा। इस दिन देहरादून, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, नैनीताल, चम्पावत एवं बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की संभावना है। हरिद्वार एवं ऊधमसिंह नगर में भी कहीं-कहीं गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने की संभावना है।

16 अगस्त को चम्पावत, बागेश्वर एवं नैनीताल जनपदों में ऑरेंज अलर्ट रहेगा। इन जनपदों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा तथा गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने एवं वर्षा के अति तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर की संभावना है।

17 अगस्त को देहरादून एवं टिहरी जनपदों में ऑरेंज अलर्ट रहेगा।

सचिव ने लोगों से अपील की है कि मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम की स्थिति की जानकारी लेते रहें। भूस्खलन एवं चट्टान गिरने की आशंका वाले संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों, नदी-नालों एवं जलधाराओं के आसपास जाने से बचें। भारी बारिश अथवा अचानक बाढ़ की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर रहें तथा सक्रिय भूस्खलन क्षेत्र को पार करने का प्रयास न करें।

उन्होंने कहा कि आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों एवं पेड़ों के नीचे खड़े न हों तथा सुरक्षित पक्के भवन में शरण लें। भारी वर्षा के दौरान उफनती नदियों, धाराओं एवं नालों में तैरने या नौका विहार करने से बचें। उन्होंने कहा कि मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों में भूस्खलन, सड़क अवरोध, जलभराव तथा नदियों-नालों के जलस्तर में अचानक वृद्धि जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है, इसलिए सभी नागरिक सावधानी एवं सतर्कता बरतें।

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