मौसम विभाग ने अगले 3 घंटों में देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल और उत्तरकाशी में कुछ जगहों पर मध्यम से भारी बारिश/तूफान के साथ बिजली गिरने और तेज़ से बहुत तेज़ बारिश होने की संभावना व्यक्त की है।मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार शुक्रवार को कुमाऊं मंडल के सभी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। वहीं देहरादून, टिहरी, पौड़ी और हरिद्वार के कई क्षेत्रों में भी गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में तेज गर्जना, आकाशीय बिजली और कहीं-कहीं भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की गई है। नैनीताल जिले में बीते दो दिनों से हो रही रुक-रुक कर बारिश ने गर्मी से राहत दिलाई है। हल्द्वानी सहित कई क्षेत्रों में मौसम सुहावना हो गया है और सुबह से बादल छाए हुए हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार शुक्रवार को कुमाऊं मंडल के सभी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। वहीं देहरादून, टिहरी, पौड़ी और हरिद्वार के कई क्षेत्रों में भी गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में तेज गर्जना, आकाशीय बिजली और कहीं-कहीं भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की गई है। नैनीताल जिले में बीते दो दिनों से हो रही रुक-रुक कर बारिश ने गर्मी से राहत दिलाई है। हल्द्वानी सहित कई क्षेत्रों में मौसम सुहावना हो गया है और सुबह से बादल छाए हुए हैं।
उत्तराखंड में आगामी कुछ दिनों तक मौसम के तेवर तल्ख बने रहेंगे। मौसम विभाग के वैज्ञानिक रोहित थपलियाल ने राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश की संभावना जताई है और लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। रोहित थपलियाल के अनुसार, 17 जुलाई को कुमाऊं के अधिकांश स्थानों और गढ़वाल के कई इलाकों में हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। हालांकि, 18 से 21 जुलाई तक बारिश की गतिविधियों में और तेजी आएगी। विभाग ने चेतावनी दी है कि पिथौरागढ़, बागेश्वर, नैनीता चंपावत, रुद्रप्रयाग, टिहरी, देहरादून और पौड़ी म भारा वर्षा हो सकती है। वहीं, 18 जुलाई को बागेश्वर और देहरादून जनपद में कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश भी देखी जा सकती है।
मौसम विभाग ने चारधाम यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं और नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा है। भूस्खलन और अचानक जल स्तर बढ़ने के खतरों को देखते हुए आपदा प्रबंधन की ओर से भी संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। वैज्ञानिक थपलियाल ने स्पष्ट किया कि 19 और 20 जुलाई को मौसम और भी सक्रिय हो सकता है, जिसके लिए कुछ जनपदों को येलो और ऑरेंज अलर्ट पर रखा गया है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम विभाग के अपडेट्स पर निरंतर नजर रखें।

