महानगर हरिद्वार के जिला कांग्रेस अध्यक्ष अमन गर्ग ने कहा कि देश और प्रदेश का युवा आज गहरे संकट से गुजर रहा है। वर्षों की मेहनत और सपनों के सहारे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र बार-बार प्रश्नपत्र लीक, परीक्षाओं के रद्द होने और भर्ती प्रक्रियाओं में अनावश्यक विलंब के कारण मानसिक तनाव, असुरक्षा और निराशा का सामना कर रहे हैं। प्रेस क्लब हरिद्वार में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष ने कहा नकल माफिया और अष्टाचार के कारण युवाओं का सरकारी नौकरियों और परीक्षा प्रणाली से विश्वास उठता जा रहा है।
उत्तराखंड में भी भर्ती घोटालों और पेपर लीक के मामलों ने लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। आज स्थिति यह है कि मेहनत करने वाले युवाओं को अपनी योग्यता से अधिक सिस्टम की विफलताओं से लड़ना पड़ रहा है।
उन्होंने देहरादून की छात्रा रिया कुमारी थापा की दुखद आत्महत्या को पूरे समाज को झकझोर देने वाली घटना बताया। उन्होंने कहा यह केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं है, बल्कि उस असंवेदनशील व्यवस्था का आईना है, जिसने युवाओं को निराशा और अवसाद के गर्त में धकेल दिया है। अब तक देश में अनेक छात्र-छात्राएं परीक्षा संबंधी तनाव और अनिश्चितता के कारण आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हुए हैं।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष मुरली मनोहर ने कहा कि क़ांग्रेस पार्टी मानती है कि यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय है। जब बार-बार परीक्षाएं रद्द होती हैं, प्रश्नपत्र लीक होते हैं और नकल माफिया सक्रिय रहते हैं, तब युवाओं के मन में यह भावना पैदा होती है कि मेहनत और प्रतिभा का कोई मूल्य नहीं रह गया है। इससे सरकारी संस्थाओं की विश्वसनीयता कमजोर हो रही है और लाखों युवाओं का मनोबल टूट रहा है।
महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष अंजू मिश्रा ने कहा प्रदेश में एक तरफ भाजपा सरकार सख्त नकल विरोधी कानून की बात करती है और दूसारी तरफ पटवारी परीक्षा का पेपर भी लीक हो जाता है। सरकार 2017 से अब तक एक भी पेपर ऐसा नही करा पायी जो लीक ना हुआ हो। इसकी सबसे बडी वजह यह है कि पेपरलीक का मास्टर माइन्ड हाकम सिह सरकार की कमजोर पेरवी की वजह से बेल पर रिहा जो जाता है। और रिहा होते ही एक पेपर लीक हो जाता है। हाकम सिह का हाकिम ‘कौन है यह भी अबतक पता नही चल पाया ।
महेश प्रताप राणा ने कहा सरकार का शिक्षा बजट जितना है टॉप पॉच परिक्षाओं का खर्च जो आत आदमी वहन करता है वो बजट का तीन गुना है। उन्होंने कहा बच्चे अवसाद में जो घातक कदम उठा रहे हैं उन्हें रोका जाना चाहिए।
युवक कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री उत्कर्ष वालिया ने कहा’सीबीएसई जिसकी परीक्षा पास करके ही बच्चा अपना भविष्य बनाता है आगे उसमें सरकार ने अनिमियतताएं कर दी है, जिसकी वजह से आज 40 लाख बच्चों का भविष्य अन्धकार में जा चुका है।
सरकार नही चाहती कि देश पढे और सवाल करे क्योकि सवालों के जवाब भाजपा के पास नही है।
प्रेस वार्ता के माध्यम से कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार और संबंधित संस्थाओं से मांग की है कि –
1. पेपर लीक और भर्ती घोटालों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
2. नकल माफिया के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
3. परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और विश्वसनीय बनाया जाए।
4. लंबित भर्ती प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।
5. छात्रों और प्रतियोगी परीक्षार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य और परामर्श के लिए विशेष व्यवस्था की जाए।

