श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा में पहली बार होगा जगद्गुरु शंकराचार्यजी का चातुर्मास, 29 जुलाई से 26 सितंबर तक चलेगा भव्य श्सुरभि हरिहर चातुर्मास आराधना महोत्सव हरिद्वार। गोसेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा के तत्वावधान में पहली बार किसी गौशाला परिसर में जगद्गुरु शंकराचार्य के पावन सान्निध्य में सुरभि हरिहर चातुर्मास आराधना महोत्सवश् का आयोजन किया जा रहा है। यह महोत्सव 29 जुलाई से 26 सितंबर तक राजस्थान स्थित अभिनव व्रजमंडल मनोरमा गोलोकतीर्थ, अर्बुदारण्य में आयोजित होगा। आयोजन में देशभर से लाखों गोभक्तों के सम्मिलित होने की संभावना है।
प्रेस क्लब हरिद्वार में पत्रकारों को यह जानकारी देते हुए संस्थान के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (सीईओ) आलोक सिंहल ने बताया कि संस्थापक एवं मुख्य संरक्षक स्वामी दत्तशरणानंदजी महाराज की प्रेरणा से आयोजित इस महोत्सव का उद्देश्य गोसेवा, सनातन संस्कृति तथा भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करना है। उन्होंने बताया कि जगद्गुरु शंकराचार्य पूज्य स्वामी श्री सदानंद सरस्वतीजी महाराज (शारदा द्वारिका पीठाधीश्वर) के सान्निध्य में पहली बार किसी गौशाला में चातुर्मास का आयोजन होने जा रहा है। चातुर्मास के दौरान सात दिव्य कथाओं का आयोजन होगा, जिनमें श्रीमद्भागवत कथा, श्रीरामचरितमानस कथा, नानी बाई का मायरा, श्री शिव महापुराण कथा, श्री हरिहर भक्तमाल कथा तथा गो भक्तमाल कथा सहित अन्य आध्यात्मिक आयोजन शामिल रहेंगे। इसके अतिरिक्त प्रतिदिन गो-पूजन, गो-अनुष्ठान, धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।गुजरात सहित विभिन्न राज्यों में महोत्सव के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए गोसेवकों को जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं। वहीं उत्तराखंड सहित देशभर से श्रद्धालु विभिन्न यात्राओं के माध्यम से पथमेड़ा पहुंचकर चातुर्मास आराधना एवं गोसेवा का पुण्य लाभ प्राप्त करेंगे।
संस्थान के उत्तराखंड प्रभारी गोवत्स अश्विनी शर्मा ने गाय के बछड़े के संरक्षण को लेकर कहा।
उन्होंने बताया कि महोत्सव के दौरान गोबर एवं गोमूत्र आधारित प्राकृतिक खेती, गोदुग्ध के उपयोग, गोचिकित्सा, गोसंवर्धन, देशी गौवंश संरक्षण तथा पंचगव्य आधारित मानव स्वास्थ्य जैसे विषयों पर राष्ट्रीय स्तर के सेमिनार आयोजित किए जाएंगे।
संस्थान द्वारा देवभूमि उत्तराखंड में भी गौसेवा एवं गोसंरक्षण के कार्यों का निरंतर किस्तार किया जा रहा है। वर्तमान में जनपद चमोली स्थित अनसूया जी गौशाला तथा जनपद पौड़ी नढळाला जा कोटद्वार गौशाला का सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है।
इसके अतिरिक्त जनपद हरिद्वार स्थित श्री गोपीनाथ जी गौशाला, कालूबांस में निराश्रित एवं बेलहाता गोवंश की सेवा, संरक्षण एवं देखभाल का कार्य निरंतर किया जा रहा है, जबकि नमार निमार हरिद्वार गौशाला का संचालन भी शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। संस्थान द्वारा निराश्रित एवं बेसहारा गोवंश के संरक्षण, संवर्धन एवं पुनर्वास के लिए विशेष कार्ययोजना बनाकर चरणबद्ध रूप से कार्य किया जा रहा है, जिससे गोवंश को सुरक्षित आश्रय, समुचित पोषण तथा बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। इस अवसर पर हरिद्वार के गौसेवक अनिकेत गिरी भी उपस्थित थे।

