बामसेफ के ऑफसूट संगठनों राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा एवं बहुजन मुक्ति पार्टी के कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रव्यापी चरणबद्ध आंदोलन के तीसरे चरण में जाति जनगणना के फॉर्म में ओबीसी जाति का कालम दर्ज करने, ओबीसी की जाति जनगणना कराने, ईवीएम बैंन कर बैलेट पेपर से चुनाव कराने, बेरोजगार युवाओं को रोजगार, महिलाओं को सुरक्षा, शिक्षा का बाजारीकरण, महंगाई आदि मांगों को लेकर भगत सिंह चौक से रानीपुर मोड़ तक रैली निकालकर प्रदर्शन किया। बहुजन क्रांति मोर्चा के प्रदेशसंयोजक भंवर सिंह ने कहा कि भाजपा शासन में दलितों, पिछड़ों पर खुलेआम अत्याचार किया जा रहा है। अत्याचार करने वालों के हौसले इतने बुलंद हैं कि अत्याचार की वीडियो बनाकर वायरल भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिहार के राजगीर में मंदिर में चोरी के आरोप में जाति पूछ कर दो दलित युवकों की पीट-पीट कर हत्या कर दी गयी। जबकि राम मंदिर में करोड़ों की चोरी की एफआईआर तक दर्ज नहीं हुई है। यूपी के संत कबीर नगर में सरेआम एक दलित व्यक्ति और हरियाणा में दलित समाज के फौजी की गला रेत कर हत्या कर दी गयी। उत्तराखंड के टिहरी में घर बुलाकर दलित युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गयी। उत्तराखंड के श्रीनगर की वाल्मीकि समाज की 15 वर्षीय किशोरी और आन्नेकी हेत्तमपुर के लापता दलित युवा का अब तक कुछ पता नहीं चल पाया है। बहुजन मुक्ति पार्टी के राष्ट्रीय संगठन सचिव संजय मूल निवासी ने कहा कि दलित पिछड़ों पर अन्याय अत्याचार की बढ़ती घटनाओं का कारण ईवीएम है। दलित पिछड़ा विरोधियों ने ईवीएम से सभी संवैधानिक संस्थाओं पर कब्जा कर लिया है और एससी, एसटी व ओबीसी समाज के जनप्रतिनिधि चुप्पी साधे हुए हैं। चमार वाल्मीकि महासंघ के जिला अध्यक्ष भानपाल सिंह रवि एवं महानगर अध्यक्ष नानक चंद पेवल ने कहा कि मनुवादी व्यवस्था की गुलामी से आजाद होने के लिए भारत मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष वामन मेश्राम साहब के साथ मिलकर अत्याचारियों के खिलाफ एकजुट होकर आवाज बुलंद करे। रैली प्रदर्शन में भंवर सिंह, संजय मूलनिवासी, भानपाल सिंह रवि, पास्टर सुरेंद्र कुमार, पास्टर प्रवीन कुमार, बाबूराम बौद्ध, दिनेश राणा, पास्टर राहुल कुमार, मोहम्मद नसीर अहमद, मोहम्मद फरीद अहमद, धर्मेंद्र कुमार, आशीष कुमार, नरेश कुमार, प्रेमराज अम्बेडकर, वर्षा अम्बेडकर, बबलू, नित्तर पाल, राजू, अशोक हल्दिया, नत्थू सिंह सहित कई कार्यकर्ता शामिल रहे।

