जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों- कर्मचारियों को कार्यमुक्त करने की मांग, भीषण गर्मी में बढ़ी मुश्किलें

राजनीति समस्या हरिद्वार

जनपद हरिद्वार सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में जनगणना (भवन गणना) कार्य में लगे शिक्षकों एवं कर्मचारियों को कार्यमुक्त किए जाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। इस संबंध में उत्तरांचल (पर्वतीय) कर्मचारी-शिक्षक संगठन उत्तराखण्ड प्रदेश को एक पत्र प्रेषित कर स्थिति से अवगत कराया गया है।
पत्र में बताया गया है कि वर्तमान में प्रदेश के अधिकांश शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं कर्मचारी जनगणना के प्रथम चरण के अंतर्गत भवन सूचीकरण एवं गणना कार्य में संलग्न हैं। वहीं, जनपद हरिद्वार में भीषण गर्मी के चलते दिन में तापमान अत्यधिक बढ़ रहा है, जिससे फील्ड में कार्य करना कठिन हो गया है। कई शिक्षकों और कर्मचारियों को उनके कार्यस्थल  अधिक दूर तक तैनात किया गया है, जिससे उनकी समस्याएं और बढ़ गई हैं।
संगठन के जिलाध्यक्ष ललित मोहन जोशी ने बताया कि संबंधित अधिकारियों द्वारा शिक्षकों को कार्यमुक्त नहीं किया जा रहा है, बल्कि विद्यालय समय (दोपहर 2:05 बजे) के बाद जनगणना कार्य करने के निर्देश दिए जा रहे हैं, जबकि कार्यालय समय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित है। इस दोहरी जिम्मेदारी के कारण शिक्षक एवं कर्मचारी स्वयं को असहज महसूस कर रहे हैं और कार्य की गुणवत्ता पर भी असर पड़ने की आशंका जताई गई है।
संगठन ने मांग की है कि जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों एवं कर्मचारियों को निर्धारित अवधि तक पूर्ण रूप से कार्यमुक्त किया जाए, ताकि राष्ट्रीय कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो सके। साथ ही, भीषण गर्मी और भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए सुरक्षा के लिए राज्य सरकार द्वारा स्पष्ट एसओपी जारी करने की भी आवश्यकता बताई गई है।
इसके अतिरिक्त, जनगणना कार्य के दौरान किसी आकस्मिक दुर्घटना की स्थिति में 50 लाख रुपये तक का बीमा कवर सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई गई है।
संगठन ने प्रदेश के सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों के हित में शीघ्र निर्णय लेने की अपेक्षा जताई है, ताकि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य को सुचारू रूप से पूरा किया जा सके।

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