जिस देश के निवासी स्वतंत्रता सेनानियों व शहीदों को भूल जाते हैं वे देश में नए शूरवीर नहीं पैदा कर सकते- जितेन्द्र रघुवंशी
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, आचार्य बालकृष्ण, आयुष मंत्री मदन कौशिक, परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा तथा विधायक आदेश चौहान होंगे शामिल
स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों 102 वर्षीय नेताजी सुभाष चंद्र बोस के सहयोगी रहे ले. आर. माधवन, 116 वर्षीय स्वामी लेखराज जी, शत वर्षीय आनन्द सिंह बिष्ट तथा स्थानीय भारत भूषण विद्यालंकार बढ़ाएंगे मंच की शोभा
स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति के तत्वावधान में संचालित राष्ट्र व्यापी कार्यक्रम *हर महीने प्रथम रविवार दस बजे दस मिनट स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों शहीदों के नाम अभियान* के अन्तर्गत आज देश के लगभग 350 जिलों में ध्वजारोहण, राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान के साथ ही स्वतंत्रता सेनानी स्मारकों तथा शहीद स्थलों पर पुष्पांजलि समर्पित की गईं। हरिद्वार जिले में अमर शहीद जगदीश वत्स पार्क जटवाड़ा पुल, ज्वालापुर, वटवृक्ष सुनहरा, स्वतंत्रता सेनानी स्तंभ भगवानपुर, लक्सर, रुड़की, बहादराबाद तथा हरिद्वार में आयोजित किए गए। मुख्य कार्यक्रम अमर शहीद जगदीश वत्स पार्क जटवाड़ा पुल, ज्वालापुर में सम्पन्न हुआ, जहाँ स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भारत भूषण विद्यालंकार ने ध्वजारोहण किया। ध्वजारोहण, राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान के बाद स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भारत भूषण विद्यालंकार, जितेन्द्र रघुवंशी, नायब तहसीलदार प्रताप सिंह तथा पार्षद हरविंदर ने शहीद जगदीश वत्स की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया, तत्पश्चात उपस्थित स्वतंत्रता सेनानी शहीद परिवारों तथा स्थानीय गणमान्य नागरिकों ने पुष्पांजलि समर्पित किया। उत्तराखंड में तो इस बार प्रत्येक जिले में उत्साह पूर्वक प्रथम रविवार का कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें देहरादून, ऊधमसिंहनगर, हल्द्वानी, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल में तो अधिकाधिक संख्या में स्वतंत्रता सेनानी परिवार शामिल हुए।

शहीद जगदीश वत्स पार्क में इस अभियान के उद्देश्य की जानकारी देते हुए स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति के राष्ट्रीय महासचिव जितेन्द्र रघुवंशी ने देश के विभिन्न स्थानों पर सम्मिलित स्वतंत्रता सेनानी शहीद परिवारों तथा स्थानीय गणमान्य नागरिकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि “जिस देश के निवासी स्वतंत्रता सेनानियों व शहीदों को भूल जाते हैं, वे देश में नए शूरवीर नहीं पैदा कर सकते हैं।” देशवासियों को देशभक्ति से अनुप्राणित करने के उद्देश्य से ही स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों शहीदों की सूक्ष्म प्रेरणा से 40 महीने पूर्व नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्मस्थान कटक से यह अभियान आरंभ किया गया था, जो आज पूरे देश के स्वतंत्रता सेनानी शहीद परिवारों का संकल्प बन गया है। रघुवंशी ने कहा कि देश के 23 प्रान्तों में प्रान्तीय तथा राष्ट्रीय सम्मेलनों के माध्यम से इस अभियान को गति प्रदान की जा रही है। इसी के अन्तर्गत हरिद्वार में भी 13 अप्रैल को स्वतंत्रता सेनानी शहीद सम्मान यात्रा शहीद जगदीश वत्स पार्क जटवाड़ा पुल से ऋषिकुल आयुर्वेदिक कालेज तक प्रातः काल 9 बजे से 11 बजे तक निकाली जाएगी। 12.30 बजे से ऋषिकुल आयुर्वेदिक कालेज के सभागार में स्वतंत्रता सेनानी शहीद परिवार राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया है, जिसमें विशेष रूप से स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों 102 वर्षीय नेताजी सुभाष चंद्र बोस के सहयोगी रहे ले. आर. माधवन, 116 वर्षीय स्वामी लेखराज जी, शत वर्षीय आनन्द सिंह बिष्ट तथा स्थानीय भारत भूषण विद्यालंकार की स्मरणीय उपस्थिति रहेगी। कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, आयुष मंत्री मदन कौशिक, परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा, विधायक आदेश चौहान तथा आचार्य बालकृष्ण जी ने भी उपस्थित रहने की सहमति प्रदान की है। अतिथियों की गरिमा के अनुसार संगठन द्वारा तैयारियां आरंभ हो चुकी हैं।
इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारी के रूप में नायब तहसीलदार प्रताप सिंह ने अपने भाव व्यक्त करते हुए कहा कि स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति द्वारा देशभर में देशभक्ति की धारा प्रवाहित करने के लिए जो प्रयास किया जा रहा है, हम उसकी भूरि भूरि प्रशंसा करते हैं। अनुशासित स्वतंत्रता सेनानी शहीद सम्मान यात्रा नगरवासियों के लिए अनुकरणीय होगी। महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ठाकुर तुंगल सिंह की 13वीं पुण्यतिथि पर उनके सुपुत्र स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भारत भूषण विद्यालंकार ने पिताजी के सादगीपूर्ण संघर्ष की जीवन गाथा सुनाते हुए बताया कि जातिवाद की खाई को पाटने के लिए पिताजी अपने घर की रसोई में ही परिवार के साथ सफाई कर्मचारियों को बैठाकर भोजन कराते थे और उनकी जूठी थाली हमारी माता स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भागीरथी देवी धोती थीं। उनके बाबा भोला सिंह तथा दादी न्यादरी देवी भी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रहे हैं। चेतनापथ के सम्पादक अरुण पाठक ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय बनाने का सुझाव देते हुए कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों की जीवन गाथा नई पीढ़ी को संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
शहीद जगदीश वत्स पार्क में आज डा.वेद प्रकाश आर्य, देशबंधु, अर्जुन सिंह राणा, सुरेश चन्द्र सुयाल, हरविंद्र सिंह पार्षद,
श्रीमति सूनृता विद्यालंकार, आशा रघुवंशी, पद्मा देवी आर्य, डा. शालिनी, आयुष त्यागी, अशोक दिवाकर, अनुराग सिंह गौतम, आदित्य गहलोत, अरुण पाठक, डॉ. संजय कुमार चौबे, वीरेन्द्र गहलोत, कैलाश चन्द्र वैष्णव, नरेंद्र कुमार वर्मा, प्रमेश चौधरी, अरविन्द कौशिक, सुरेन्द्र लाल छाबड़ा, कमल छाबड़ा, रमेश चन्द गुप्ता, तरुण कुमार वर्मा, मंजु लता भारती, मनीषा चौहान, शीला चौहान, ममता धीमान, वंदना धीमान, आदित्य प्रकाश उपाध्याय, रविन्द्र कुमार धीमान, मोनू शर्मा, जोगिंद्र तनेजा, विवेक कुमार शर्मा उपस्थित रहे।

