संस्कृति स्कूल, रानीपुर मोड़ में 30 एवं 31 अक्टूबर, 2026 को बड़े उत्साह और उमंग के साथ 22वाँ वार्षिक समारोह आयोजित किया गया। “EIRA: द सिम्फनी ऑफ ड्रीम्स” विषय पर आधारित इस दो दिवसीय समारोह में नन्हे विद्यार्थियों की प्रतिभा, रचनात्मकता और आत्मविश्वास की मनमोहक झलक देखने को मिली। EIRA का विषय बचपन की उस जादुई दुनिया को खूबसूरती से दर्शाता है, जहाँ हर छोटा-सा सपना अपने भीतर एक मधुर धुन समेटे होता है।

समारोह का शुभारंभ 30 अक्टूबर 2026 को मुख्य अतिथि डॉ. पूनम शर्मा एवं विशिष्ट अतिथि डॉ. प्रियंका शर्मा तथा 31 अक्टूबर 2026 को मुख्य अतिथि श्रीमती अर्चना जैन एवं विशिष्ट अतिथि डॉ. अंतिमा सिंह द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर पंजवानी परिवार के सम्मानित सदस्य, निदेशक श्रीमती दिव्या पंजवानी एवं प्रधानाचार्या श्रीमती श्वेता सहगल भी उपस्थित रहीं। इसके पश्चात दोनों दिनों में शिक्षकों द्वारा स्वागत गीत तथा विद्यार्थियों द्वारा गणेश वंदना की एकल प्रस्तुतियाँ दी गईं।
विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों पर आधारित मनमोहक प्रस्तुतियों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण, भारतीय संस्कृति, पंजाबी देशभक्ति गीत और बचपन की मासूमियत जैसे विषयों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। “झाँसी की रानी” प्रस्तुति के माध्यम से साहस, देशभक्ति, महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा का संदेश दिया गया, जबकि “सेव ट्रीज़” प्रस्तुति ने पेड़ों के महत्व और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया। “एनिमल किंगडम” ने जानवरों की दुनिया को जीवंत रूप में मंच पर प्रस्तुत किया, वहीं “चिल्ड्रन्स मॉर्निंग टैंट्रम्स” ने छोटे बच्चों के चंचल अंदाज़, मासूमियत और नटखटपन को हास्यपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया। देवी दुर्गा के नौ रूपों पर आधारित प्रस्तुति ने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत की सुंदर झलक प्रस्तुत की।


विद्यार्थियों को सम्मानित अतिथियों एवं पंजवानी परिवार के सदस्यों द्वारा “ऑल-राउंडर एक्सीलेंस अवॉर्ड” और “ग्रोइंग अचीवर अवॉर्ड” जैसे विशेष पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। इन पुरस्कारों के माध्यम से विद्यार्थियों की उपलब्धियों, प्रयासों और उनके समग्र विकास को प्रोत्साहित किया गया।
इस अवसर पर प्रधानाचार्या श्रीमती श्वेता सहगल ने कहा “Eira – द सिम्फनी ऑफ ड्रीम्स नन्हे दिलों, असीमित सपनों और बचपन के जादू का उत्सव था। प्रत्येक प्रस्तुति में बच्चों की खुशी, कल्पनाशीलता और बढ़ते आत्मविश्वास की सुंदर झलक देखने को मिली। जब नन्हे कदम मंच पर आए, तो वे अपने से कहीं बड़े सपनों को साकार करने का जज़्बा लेकर आए। यह पूरे संस्कृति परिवार के लिए गर्व और अविस्मरणीय क्षण था। हम शिक्षकों, अभिभावकों और उन सभी लोगों के प्रति अपनी हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करते हैं, जिन्होंने बच्चों का सहयोग किया और इस यादगार समारोह को सफल बनाने में अपना योगदान दिया।”


निदेशक श्रीमती दिव्या पंजवानी ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की तथा सम्मानित अतिथियों और अभिभावकों की गरिमामयी उपस्थिति एवं निरंतर सहयोग के लिए अपनी हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त की।
वार्षिक समारोह का सफल आयोजन श्रीमती प्रेरणा अरोड़ा, श्रीमती ललिता पांडे, श्रीमती सीमा सिंह, श्रीमती मेघा गौर, सुश्री आयुषी पंवार, श्रीमती सोनिया कौर बेदी, श्रीमती रश्मि ओझा, सुश्री इशिका खन्ना एवं सुश्री दुर्गा कुमारी के समर्पित प्रयासों तथा गैर-शिक्षण कर्मचारियों के बहुमूल्य योगदान से संभव हुआ।

समारोह का समापन बच्चों, अभिभावकों और अतिथियों को रिफ्रेशमेंट एवं उपहार वितरित करने के साथ हर्षोल्लासपूर्ण वातावरण में हुआ। अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ और यह समारोह सभी के मन में सपनों, रचनात्मकता और प्रेरणा से जुड़ी यादगार स्मृतियाँ छोड़ गया।


