विधायक तिलकराज बेहड़ पर हमले के विरोध में महानगर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शंकराचार्य चौक पर प्रदर्शन कर भाजपा का पुतला दहन किया और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान महानगर अध्यक्ष अमन गर्ग, स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष मुरली मनोहर और प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष संतोष चौहान ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में राजनीतिक गुंडागर्दी को बढ़ावा मिल रहा है और विपक्ष की आवाज़ को डराकर दबाने का प्रयास किया जा रहा है। राजबीर सिंह और महेश प्रताप राणा ने कहा कि जनता के निर्वाचित प्रतिनिधि पर हमला लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनता के अधिकारों पर हमला है। ओपी चौहान और कांग्रेस एससी एसटी विभाग के जिलाध्यक्ष तीर्थपाल रवि ने कहा कि भाजपा को स्पष्ट समझ लेना चाहिए कि कांग्रेस कार्यकर्ता धमकियों और हमलों से डरकर पीछे हटने वाले नहीं हैं। कार्यकर्ता जनता के सवाल उठाते रहेंगे और सत्ता के अहंकार के खिलाफ पूरी मजबूती से संघर्ष करेंगे। अशोक शर्मा और महानगर कांग्रेस महासचिव राजीव भार्गव ने आरोप लगाया कि भाजपा जनता का विश्वास जीतने के बजाय गुंडई के दम पर चुनाव जीतना चाहती है। ब्लॉक अध्यक्ष अजय गिरी और हिमांशु राजपूत ने कहा कि विपक्ष को डराना, जनप्रतिनिधियों पर हमला करना और भय का वातावरण बनाना लोकतंत्र की हत्या करने की कोशिश है। पार्षद हिमांशु गुप्ता और पार्षद सोहित सेठी ने कहा कि उत्तराखंड किसी राजनीतिक दल की जागीर नहीं है, जहां सत्ता के विरोध में बोलने वालों को हिंसा से चुप करा दिया जाए। पार्षद विवेक भूषण विक्की और पार्षद प्रतिनिधि पुनीत कुमार ने कहा कि भाजपा सरकार में कानून के राज की जगह गुंडों का राज होने का संदेश जा रहा है। जब एक विधायक की सुरक्षा पर ही सवाल खड़े हो रहे हों तो आम नागरिक खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करेगा। पार्षद सुनील कुमार सिंह और यूथ कांग्रेस प्रदेश महासचिव उत्कर्ष वालिया ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी प्रत्येक नागरिक और जनप्रतिनिधि की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, मुख्यमंत्री बताएं कि विपक्ष के विधायक पर हमले की घटना में जवाबदेही कब तय होगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कब होगी। ब्लॉक अध्यक्ष मोहन सिंह राणा और ब्लॉक अध्यक्ष रचना शर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार लोकतंत्र विरोधी मानसिकता से ग्रस्त हैं और 2027 के विधानसभा चुनाव में उत्तराखंड की जनता भाजपा को सबक सिखाने का काम करेगी। प्रदर्शन में उज्जवल वालिया, सीपी सिंह, बीएस तेजियान, सतेंद्र वर्मा, एमडी शर्मा, दिनेश पाण्डेय, कैश खुराना, सुनील प्रजापति, अमन ठाकुर, योगेश त्यागी, बीपीएस तेजियान, दिव्यांश अग्रवाल, सुमन अग्रवाल, अजय कुमार सहित दर्जनों कार्यकर्ता शामिल रहे।


