आंदोलनका आक्रोश पूरे प्रदेश में दिखाई दे रहा है,एक प्रदेश में दो कानून चल रहे हैं पशुपालन विभाग वैक्सीनेटर पद पर पदोन्नति दे चुका है स्वास्थ्य विभाग पद होने के बाद भी लेब सहायक, डार्क रूम सहायक, ओ टी सहायक, के पदों पर पदोन्नति के लिए तैयार नहीं।
चतुर्थ श्रेणी स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश लखेड़ा ने बताया कि दिनांक 12अगस्त 2026 को पूर्व घोषित आंदोलन कार्यक्रम के तहत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का तीसरे दिन भी काली फीती बांधकर विरोध प्रदर्शन पूरे प्रदेश में किया गया ।कर्मचारियों की मांगों को पिछले दस वर्षों से अनदेखा किया जा रहा है जो कि बर्दाश्त नहीं किया जाएगा । उन्होंने कहा कि कर्मचारी संघ के लोग जल्द ही माननीय मुख्यमंत्री , माननीय स्वास्थ्य मंत्री से मिलकर सारी अव्यवस्था की पोल खोली जाएगी।
प्रदेश अध्यक्ष दिनेश लखेड़ा महामंत्री सुनील अधिकारी उपशाखा अध्यक्ष ऋषिकुल, गुरुकुल छत्रपाल सिंह, ताजबर सिंह मंत्री मनीष पंवार, अजय कुमार ने कहा प्रदेश के विभागीय अधिकारियों द्वारा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के साथ वर्षों से अन्याय किया जा रहा है कर्मचारी अगर कुछ बोलना भी चाहे तो बोल नहीं सकता है ऊपर की पहुंच की या नौकरी करना सीखाने धमकी दी जाती है
माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा शासन को स्पष्ट निर्देश देने और शासनादेश होने के बाद भी स्वास्थ्य और आयुर्वेद विश्विद्यालय के कर्मचारियों की पदोन्नति नहीं हो पा रही है जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है पूरी तरह मनमानी और कर्मचारियों का शोषण और उत्पीड़न किया जा रहा है प्रदेश के विभागीय अधिकारी चाहते ही नहीं कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति हो अधिकारी भूल गए हैं कि कोरोना काल में जो सबसे पहले कर्मचारी रोगियों की सेवा के लिए वार्ड में गए थे वो थे वार्ड ब्वाय/वार्ड आया और सफाई सेवक उनके बाद ही अन्य संवर्ग के कर्मचारी वार्ड में गए कर्मचारियों द्वारा ऑक्सीजनरेटर, जनरेटर, ड्रेसर, प्लास्टर सहायक, लेब सहायक, डार्क रूम सहायक, ओ टी सहायक, पुस्तकालय सहायक इत्यादि का कार्य तो लिया जा रहा है किंतु जब पदोन्नति होनी है तो सब भूल जाते हैं यही विभाग की विडंबना है पशुपालन विभाग नियमावली 2019 केतहत वन टाइम सेटलमेंट में 297 पद सृजित कर हाई स्कूल और इंटरमीडिएट कर्मचारियों की पदोन्नति हो चुकी है जबकि पांच वर्षों से कर्मचारी महानिदेशक महोदया से समझौता होने के बाद भी पदोन्नति का तरस रहे हैं सैकड़ों कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं और इसी तरह रहा तो आने वाले कर्मचारी भी सेवा निवृत्त हो जाएंगे ऐसा लगता है कि एक प्रदेश में दो कानून चल रहे हैं दूसरे विभाग के उन्हीं पदों पर पदोन्नति पा रहे हैं और स्वास्थ्य और आयुर्वेद के कर्मचारी उत्पीड़ित होते चले आ रहे हैं।
प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र तेश्वर मंडल अध्यक्ष गढ़वाल राजेंद्र रावत मंडल अध्यक्ष कुमाऊँ भोपाल शाह जिला अध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार जिला मंत्री राकेश भंवर प्रदेश संगठन सचिव दिनेश गुसाईं, विपिन नेगी, सुरेंद्र कश्यप ने कहा कि कर्मचारियों ने मांग की थी नर्सेस संवर्ग की भांति पौष्टिक आहार भत्ता मरीजों के संपर्क में रहने पर दिया जा रहा है चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी उसी तरह संपर्क में है किंतु आज तक फाइल शासन में घूम रही है उसी तरह वर्दी भत्ता वेतन में लगना था आज तक कुछ को एक बार मिल गया पर दूसरी बार और संवर्ग को रेगुलर मिलता है धुलाई भत्ता 90रुपए दिया जाता है अन्य संवर्ग को 500रूपये दिया जाता है हम 90रुपए में पूरे महीने कोट पेंट,दो शर्ट दो पेंट धुलाए कर्मचारियों को भी 500 रुपए धुलाई भत्ता दिया जाता चाहिए। कर्मचारी संगठन अब आयुर्वेद और चिकित्सा स्वास्थ्य की पोल खोलेगा।
विरोध प्रदर्शन करने वालोंहै में दिनेश लखेड़ा, सुनील अधिकारी, दिनेश गुसाईं, नवीन नवानी, राकेश भंवर मूलचंद चौधरी, नाथी राम, ताजबर सिंह, मनीष पंवार, अनिल कुमार, पप्पू, राजू कश्यप, मनीष, लोकेंद्र, त्रिलोकी, अंकित, मोहित, रोहन, राकेश, नीलम, कमलेश, ममता, ईशा, ममता, बृजेश, कैलाशो डोली, नितिन, अमित, प्रबल सिंह, ज्योति नेगी, अमित कुमार, सतीश, विनोद प्रवीण, इत्यादि शामिल थे।


