सनातन ज्ञान पीठ शिव मंदिर, सेक्टर-1 समिति द्वारा आयोजित श्री शिव महापुराण कथा के सातवें दिवस कथा स्थल पर ‘श्री कार्तिकेय जन्म’ एवं ‘श्री गणेश जन्मोत्सव’ का अत्यंत भावपूर्ण और उल्लासपूर्ण आयोजन किया गया। कथा व्यास आचार्य महंत प्रदीप गोस्वामी महाराज ने भगवान शिव और माता पार्वती के अलौकिक पुत्रों के प्राकट्य की पावन कथा सुनाकर श्रद्धालु गणों को भावविभोर कर दिया।कथा के प्रसंग को आगे बढ़ाते हुए पूज्य महाराज जी ने कार्तिकेय जन्म का वर्णन करते हुए बताया कि तारकासुर का अत्याचार दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा था, जिसका वध केवल शिव-पार्वती के पुत्र द्वारा ही संभव था। महादेव के तेज से छह कृत्तिकाओं के माध्यम से छः मुख वाले भगवान कार्तिकेय का प्राकट्य हुआ। कार्तिकेय जी ने देवताओं के सेनापति बनकर धर्म की रक्षा हेतु तारकासुर का संहार किया और देवताओं को भयमुक्त कराया।तत्पश्चात् महाराज जी ने श्री गणेश जन्मोत्सव की कथा का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि माता पार्वती ने अपने उबटन (मैल) से एक बालक की आकृति बनाकर उसमें प्राण प्रतिष्ठा की। जब भगवान शिव द्वार से भीतर प्रवेश करने लगे, तब बालक गणेश ने उन्हें रोक दिया। इस पर महादेव के गणों और बालक में युद्ध हुआ और क्रोधवश शिव जी ने बालक का शीश छेदित कर दिया। माता पार्वती के दुख को देखकर भगवान शिव ने गज (हाथी) का मस्तक जोड़कर बालक को पुनर्जीवित किया और उन्हें समस्त देवों में ‘प्रथम पूज्य’ होने का वरदान दिया।कथा व्यास जी ने कहा कि श्री गणेश बुद्धि, सिद्धि और विघ्नविनाशक के प्रतीक हैं। किसी भी शुभ कार्य से पूर्व गणेश पूजन मनुष्य के जीवन के सभी विघ्नों को हर लेता है।
कथा के समापन पर महाराज जी ने शिव परिवार की महिमा बताते हुए कहा कि भगवान शिव का परिवार परस्पर विरोधी स्वभावों के बावजूद परम शांति और समरसता का संदेश देता है, जो हर सनातन प्रेमी परिवार के लिए अनुकरणीय है।
कथा के दौरान मुख्य यजमान जे.पी. अग्रवाल व मंजू अग्रवाल सहित ब्रिजेश शर्मा, दिलीप गुप्ता,राम कुमार, जयप्रकाश, तेजप्रकाश, राकेश मालवीय, अनिल चौहान, सुनील चौहान, मोहित शर्मा, मानदाता, हरिनारायण त्रिपाठी, दिनेश उपाध्याय संदीप गोयल, पंकज चौहान, प्रशांत, अलका शर्मा, संतोष चौहान, पुष्पा गुप्ता, सरला शर्मा, अन्नपूर्णा, राजकिशोरी मिश्रा, रेनू शर्मा, कुसुम गैरा, कौशल्या, सुमन चौहान, मनसा मिश्रा, सुहानी गुप्ता, सुनीता चौहान एवं भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।



