रुद्रप्रयाग जनपद के श्री केदारनाथ क्षेत्र के
सोनितपुर लमगौन्डी की मां राजेश्वरी और राजा बाणासुर ने किया हर की पौड़ी में स्नान
सोनितपुर लमगौन्डी, रुद्रप्रयाग जनपद के श्री केदारनाथ क्षेत्र के अंतर्गत तहसील उखीमठ का ऐतिहासिक गांव की आराध्य देवी मां राजराजेश्वरी और राजा बाणासुर की डोली ने आज हर की पौड़ी में गंगा स्नान किया। लमगौन्डी गांव में अनिरुद्ध का पौराणिक मंदिर भी स्थित है। राजा बाणासुर का ऐतिहासिक मंदिर एवं किला मौजूद है। यह क्षेत्र महाभारत कालीन समय से ही प्रसिद्ध रहा है। इसके प्रमाण आज भी वहां मौजूद हैं। अनिरुद्ध का विवाह बाणासुर की पुत्री उषा से उखीमठ में संपन्न हुआ।

मां राजराजेश्वरी एवं राजा बाणेश्वर की डोली लगभग 140 देवरा यात्रियों के साथ आज हरिद्वार हर की पौड़ी ब्रह्म कुंड पर दियारा यात्रा के दौरान स्नान करने के लिए पधारी। आज दिन में 11:00 बजे ब्रह्म कुंड में देवी राजराजेश्वरी और राजा बाणेश्वर की स्नान के उपरांत कुलपुरोहित भास्करानंद सेमवाल द्वारा पूजा अर्चना कराई गई। इस अवसर पर श्री गंगा सभा हरिद्वार द्वारा सभी तीर्थ यात्रियों को भास्करनंद सेमवाल, अशोक बगवाड़ी एवं अन्य साथियों के सहयोग से प्रसाद स्वरूप फलाहार वितरित कर सभी तीर्थ यात्रियों का देवरा यात्रियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। श्री गंगा सभा हरिद्वार द्वारा इस कार्यक्रम में भरपूर सहयोग किया गया।

इस कार्यक्रम में सोनितपुर लमगौन्डी ग्राम सभा से आयोजन समिति के अध्यक्ष पुष्पेंद्र शुक्ला, नरेंद्र शर्मा, राजेंद्र शर्मा, दिनेश बगवाड़ी, देवकी नन्दन,के के भट्ट, कांता प्रसाद थपलियाल, कणाद सेमवाल, कुसुमलता सेमवाल, गुंजन, गंगा देवी सती, जिला पंचायत सदस्य लवारा, सुबोध बगवाड़ी, अशोक बगवाड़ी, राजेन्द्र शर्मा एवं अन्य ग्रामीणों के साथ स्थानीय हरिद्वार से नितिन गौतम अध्यक्ष श्रीगंगा सभा, तरुण वशिष्ठ महामंत्री, संतोष चमोला, सतीश प्रसाद चमोला, सुनील डिमरी, अशोक बागवाड़ी, मनोज दुमागा, अशोक दुमागा, उर्मिला डिमरी, राजीव शर्मा सदस्य श्रीगंगा सभा, दिनेश थपलियाल, बांकेलाल आर्य, अरुण बगवाड़ी, अशोक तिवारी, देव गुलाटी आदि ने इस आयोजन को सफल बनाने में सहयोग प्रदान किया। इसके उपरांत भास्करानंद सेमवाल द्वारा समस्त देव यात्रियों को फलाहार करवाया गया। इस हेतु श्री देव यात्रा के यात्रियों, श्रद्धालुओं और पुरोहितों के द्वारा आयोजकों का साधुवाद और धन्यवाद दिया। फलाहार के उपरांत देवडोली ने अगले पड़ाव के लिए विकास नगर की ओर प्रस्थान किया।

