अपर जिलाधिकारी वैभव गुप्ता ने कहा कि आर्य समाज का राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान है। आर्य समाज ने गुलामी के समय युवाओं के अंदर आत्मविश्वास जगाने के लिए जो कार्य किया वह कभी भुलाया नहीं जा सकता है। गुलामी के समय आर्य समाज ने वैदिक शिक्षा और आधुनिक शिक्षा की जो मिली जुली शिक्षा युवाओं को दी उसने युवाओं के अंदर देशभक्ति के जज्बे को जगाया। उन्होंने कहा कि महिला शिक्षा के क्षेत्र में आर्य समाज का अहम योगदान है
अपर जिलाधिकारी गुप्ता नौ दिवसीय आर्यवीर दल आवासीय एवं आर्य वीरांगना प्रशिक्षण शिविर के समापन अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। आर्य समाज मंदिर सेक्टर 1 भेल में छात्र-छात्राओं का नौ दिवसीय प्रशिक्षण शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। जिसमें देश भर से 150 से अधिक छात्र-छात्राओं ने वैदिक संस्कार एवं चरित्र निर्माण की शिक्षा ग्रहण की।
अपर जिलाधिकारी वैभव गुप्ता ने छात्र-छात्राओं की लगन और शौर्य प्रदर्शन की सराहना कीl उन्होंने कहा कि स्वामी दयानंद सरस्वती और स्वामी श्रद्धानंद के विचार हर युग में प्रासंगिक रहेंगे। आर्य समाज ने समाज में व्याप्त जातिगत,भाषागत और छुआछूत की कुरीतियों को दूर कर सामाजिक समता के समाज का निर्माण किया।
समापन समारोह की अध्यक्षता आचार्य डॉ राम कृष्ण जी ने की l कार्यक्रम के अंत में अध्यक्षीय भाषण में वह भाव विभोर हो गये और उन्होंने अपनी ओर से ₹51000/- का और माता लीलावती आर्य भिक्षु परोपकारिणी न्यास की ओर से ₹21000/- का दान देने की घोषणा कीl मंच पर उपस्थित अन्य विशिष्ट अतिथियों ने भी भरपूर दान दिया ताकि भविष्य मे भी इस प्रकार के बच्चों के चरित्र निर्माण के शिविरों का आयोजन किया जा सके
आर्य समाज भेल के प्रधान एवं भेल के पूर्व कार्यपालक निदेशक बलवीर तलवार ने बताया कि इस शिविर के माध्यम से आर्य वीरांगनाओं और वीरों ने तलवार चलाना, लाठी चलाना, भाला चलाना, लेजियम, योगासन, ध्यान, यज्ञ, बौधिक ज्ञान आदि वैदिक विधाओं का अध्ययन एवं आध्यात्मिक साधना की। तलवार ने कहा कि आर्य समाज भेल चरित्र निर्माण का कार्य अनवरत रूप से चलाता रहेगा।
शिविर के आयोजन में योगेंद्र मेधावी, मदन सिंह, राजवीर सिंह, ज्योति आर्य, वेद प्रकाश गौतम, सोमेश गोयल, अर्चित चंदवानी, महेंद्र आहूजा, ओ पी बत्रा और अन्य कार्यकारिणी सदस्यों का पूर्ण सहयोग रहा। आयोजन में विशेष योगदान वरिष्ठ उप प्रधान कृष्ण कुमार चंदवानी, कोषाध्यक्ष राजवीर सिंह, और मंत्री मदन सिंह का रहा।
आचार्य योगेंद्र मेधावी को दो विशिष्ट अतिथियों वानप्रस्थ आश्रम के पूर्व प्रधान डी के पांडे एवं समाजसेवी संजीव गुप्ता द्वारा कुशल प्रशिक्षण और शिविर संचालन के लिए कुल 22000 रुपए पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया।दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड ,उत्तर प्रदेश और विभिन्न क्षेत्रों से आए बच्चों के साथ-साथ उनके अभिभावक भी बहुत ऊर्जावान रहे और उन्होंने शिविर में अपना सहयोग दिया।
आर्य वानप्रस्थ आश्रम हरिद्वार से आए गण मान्य लोगों ने सफलतापूर्वक शिविर आयोजन की कार्यकर्ताओं को बधाई दी और बढ़ चढ़कर दान भी दिया। स्वयंसेवक के रूप में सौरभ गोयल अशोक कुमार सुनील कुमार सैनी प्रहलाद और तुषार राजपूत आदि उपस्थित रहे।
स्वर्णिका के पिता ने शिविर की समाप्ति पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 30 मई से 7 जून तक आर्य समाज भेल सेक्टर-1के शिविर में मेरी बेटी ने जो अनुभव प्राप्त किए, वे हमारे लिए बहुत सुखद और प्रेरणादायक रहे। शुरुआत में वह शिविर में जाने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं थी और बार-बार मना कर रही थी। हमें भी चिंता थी कि वह वहाँ सहज महसूस कर पाएगी या नहीं।
लेकिन जैसे-जैसे दिन बीतते गए, उसका उत्साह बढ़ता गया। उसने नए मित्र बनाए, अनेक गतिविधियों में भाग लिया, संस्कारों और ज्ञान की बातें सीखीं तथा शिविर के हर पल का भरपूर आनंद लिया। आज उसे खुश और आत्मविश्वास से भरा देखकर मन गर्व और संतोष से भर जाता है।इस शिविर ने केवल उसे आनंद ही नहीं दिया, बल्कि उसके व्यक्तित्व और सोच में भी सकारात्मक परिवर्तन लाया। आर्य समाज के सभी आचार्यों, शिक्षकों और आयोजकों का हृदय से धन्यवाद, जिन्होंने बच्चों को सीखने, बढ़ने और जीवन के अच्छे संस्कार प्राप्त करने का इतना सुंदर अवसर प्रदान किया। मेरी बेटी की मुस्कान और उसके अनुभव इस शिविर की सबसे बड़ी सफलता हैं।
इस अवसर पर आचार्य ज्ञानेंद्र,आचार्य दिनेश शास्त्री, अंकित आर्य, समाजसेवी संजीव गुप्ता,जगदीश लाल पाहवा, राधिका नागरथ डॉ अशोक तोमर, सेवानिवृत पुलिस उपमहानिरीक्षक बृजमोहन तथा गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे

