संतों की सुरक्षा के लिए कानून बनाए केंद्र सरकार-श्रीमहंत रविंद्रपुरी
राजस्थान के कोटा में हुई निरंजनी अखाड़े के महंत देवानंद वन की हत्या पर रोष प्रकट करते हुए संत समाज ने राजस्थान सरकार से आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने बताया कि महंत देवानंद वन की धारदार हथियारों से निर्मम हत्या कर दी गयी थी। पुलिस हत्यारों को अब तक गिरफ्तार नहीं कर पायी है। श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि एक प्रतिष्ठित अखाड़े से जुड़े संत की हत्या के आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए और फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकद्मा चलाकर कड़ी सजा दिलायी जाए। उन्होंने कहा कि अखाड़ा परिषद एवं संत समाज का प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से मिलकर संतों की सुरक्षा के लिए कानून बनाने की मांग करेगा। निरंजनी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रामरतन गिरी महाराज ने कहा कि समाज को आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान करने के साथ सनातन के प्रचार प्रसार में अहम भूमिका निभाने वाले महंत देवानंद वन की हत्या बेहद दुखदायी है। राजस्थान सरकार को कड़े कदम उठाते हुए आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करना चाहिए। निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर एवं भारत माता मंदिर के महंत स्वामी ललितानंद गिरी महाराज ने कहा कि महंत देवानंद वन की हत्या से पूरे संत समाज में रोष है। सरकार को संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ महंत देवानंद वन की हत्या के आरोपियों को गिरफ्तार कर संत समाज को न्याय दिलाना चाहिए। स्वामी अनंतानंद, स्वामी रामानुज सरस्वती, स्वामी वेदमूर्ति पुरी, स्वामी आदि योगी पुरी, स्वामी सहजानंद पुरी, स्वामी कपिलानंद सरस्वती ने भी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की।
बताते चलें कि राजस्थान के कोटा के बोरखेड़ा थाना क्षेत्र में करीब 1100 साल पुराने प्रसिद्ध चंद्रेसल मठ के महंत देवानंद महाराज (35) की अज्ञात बदमाशों ने बेरहमी से हत्या कर दी। घटना शुक्रवार देर रात करीब 12 बजे की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, मायापुरी अखाड़े से ताल्लुक रखने वाले महंत देवानंद महाराज जब सो रहे थे, तभी बदमाशों ने उन पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए। इस जघन्य हत्याकांड के बाद से साधु-संतों और हिंदू संगठनों में नाराजगी देखी जा रही है।

