डी पी एस स्कूल की कक्षा 10 की छात्रा काव्या सहगल ने ‘पक्षियों की चिट्ठी इंसानों के नाम’ के रूप में बहुत ही सुंदर और प्रेरणादायक पत्र साझा किया है! यह पत्र पर्यावरण संरक्षण, पक्षियों के महत्व और प्रकृति के साथ सामंजस्य बिठाने का एक बहुत ही सशक्त संदेश देता है।पक्षियों द्वारा किए गए पर्यावरण संरक्षण के कार्यों और उन्हें बचाने के प्रयासों के बारे में संदेश है। देखें
कमल सहगल की पुत्री काव्या सहगल ने बहुत सुंदर शब्दों में लिखी है पक्षियों की चिठ्ठी इंसानों के नाम
स्थान : तुम्हारे घर की दीवार
“प्रिय मानव बंधु
हम तुम्हारे चहकते-गाते पक्षी हैं। हम भी तुम्हारी ही भाँति प्रकृति का अटूट हिस्सा हैं। भगवान ने हमें तुम्हारे पास एक संदेश देने भेजा हैं। हम सुबह की पहली किरण से लेकर शाम के सुनहरे आकाश तक प्रकृति के अनेक अंशों से वार्ता करते हैं। हम उन सबका प्रेम – संदेश तुम तक पहुँचाना चाहते हैं।
हम पक्षी तुम्हारे भोजन एवं दवा के लिए उपयोग किए जाने वाले पौधों का परागण करते हैं। जब हम आकाश में उड़ते हैं, तो आज़ादी का अनुभव करते हुए एक देश की मधुर हवा को दूसरे देश तक पहुँचाते हैं और वहाँ का स्नेह संदेश अपने देश में लाते हैं।
हम पक्षी, भगवान के दूत, इसी प्रेम और सौहार्द का आगाज़ लेकर उड़ते हैं। हम सीमाएँ नहीं जानते और देश विदेशों तक अपने यह संदेश पहुँचाते हैं।
- हे प्रिय मानव बंधु, वैज्ञानिक उपलब्धियों के कारण तुम प्रकृति से विमुख हो गए हो। स्वार्थी मत बनो, क्योंकि प्रकृति के साथ छेड़-छाड़ करते तुम स्वयं को विनाश की ओर धकेल रहे हो। समय रहते चेत जाओ और नैतिक जिम्मेदारी का निवर्हण करते हुए हुए प्रकृति की रक्षा करो। हमारी चहचहाहट तुम्हारी भलाई की प्रार्थना करती रहेंगी। प्रेम और सद्भावना “के साथ रहो क्योंकि यही ईश्वर का संदेश है, जो हम-प्रकृति के डाकिए तुम्हें भेज रहे हैं।”
प्रेमपूर्वक
तुम्हारे पक्षी-मित्र-
काव्या सहगल


