ज्ञान, भक्ति, योग, सृष्टि, उत्पत्ति का सार है शिवमहापुराण कथा : किरण जैसल, टाट वाले बाबाजी की पावन स्मृति में शिव महापुराण कथा का आयोजन।

धार्मिक हरिद्वार

दुर्लभ संत श्री टाट वाले बाबाजी की पावन स्मृति में सुप्रसिद्ध कथा व्यास पं. श्री रामजी पाण्डेय पौराणिक के श्रीमुख से प्रवाहित हुई शिव महापुराण कथा की अमृत धारा
तीर्थनगरी हरिद्वार के पावन बिल्वकेश्वर क्षेत्र स्थित बिल्वकेश्वर कॉलोनी पार्क में दुर्लभ संत श्री टाट वाले बाबाजी की पावन स्मृति में सुप्रसिद्ध कथा व्यास पं. श्री रामजी पाण्डेय पौराणिक के श्रीमुख से शिव महापुराण कथा की अमृत धारा प्रवाहित हुई।
इस अवसर पर महापौर श्रीमती किरण जैसल ने कहा कि शिवमहारापुण कथा ज्ञान, भक्ति, योग व सृष्टि की उत्पत्ति का सार है। दुर्लभ संत टाट वाले बाबाजी की पावन स्मृति में जिस प्रकार सरस स्वर में पं. रामजी पाण्डेय पौराणिक ने कथा का वर्णन किया है उससे निश्चित रूप से श्रवण करने वालों की जीवन को सार्थक दिशा मिलेगी। साथ ही बिल्वकेश्वर मंदिर के समीप आयोजित होने के कारण इस शिवमहापुराण कथा का महत्व और भी बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि वह स्वयं को सौभाग्यशाली महसूस कर रही है कि मां गंगाजी के पावन तट पर भगवान शिव की कथा के भव्य आयोजन में प्रतिभाग करने का सौभाग्य उन्हें मिला है।   
वरिष्ठ भाजपा नेता अनिरूद्ध भाटी ने कहा कि हरिद्वार भगवान शिव की नगरी है। यहां के कण-कण में उनका वास है। हरिद्वार की पावन धरा पर शिवालिक पर्वती माला बिल्वकेश्वर महादेव की छाया में आयोजित यह शिवमहापुराण कथा निश्चित रूप से मंगलकारी होने के साथ-साथ घर-घर तक संस्कारों व संस्कृति का प्रसार करने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि प्रसिद्ध कथा व्यास पं. रामजी पाण्डेय पौराणिक टाट वाले बाबा जी के कृपा पात्र शिष्य हैं। उनके आशीर्वाद से ही पं. रामजी पाण्डेय पौराणिक को मां सरस्वती का पावन आशीर्वाद प्राप्त है।
कथा मर्मज्ञ पं. रामजी पाण्डेय पौराणिक ने कहा कि शिवमहापुराण हिंदू धर्म के 18 पुराणों में सबसे पवित्र, सर्वाेच्च ग्रंथ है, जो भगवान की शिव की महिमा, लीला, अवतारों और पूजा पद्धति का वर्णन करता है। इसमें ज्ञान, भक्ति, योग, सृष्टि, उत्पत्ति का विस्तार से सार समाहित है, जिसके सुनने और सुनाने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
उन्होंने कहा कि शिवमहापुराण को भगवान वेद व्यास द्वारा रचित किया गया है। इसमें सात खंड और लगभग 24,000 श्लोक हैं। इसमें शिव पार्वती विवाह, शिव के ज्योतिर्लिंगों, उनके निर्गुण सगुण स्वरूपों और पौराणिक कथाओं का विस्तार से वर्णन है। इसके श्रवण से मानव मात्र का कल्याण संभव है। इस अवसर पर मुख्य रूप से भाजपा नेता अनिरूद्ध भाटी, पार्षद सचिन कुमार, एड. सुशील भसीन, चन्द्रप्रकाश शर्मा, कपिल अरोड़ा, कुलभूषण सक्सेना, शशिभूषण सक्सेना, रवि सागर, राघव ठाकुर, संजय रावल, प्रदीप त्यागी, जॉनी अरोड़ा आदि समेत सैकड़ों की संख्या में गणमान्यजन, मातृशक्ति उपस्थित रहे।

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