धूमधाम से मनाया जश्ने विलादत मौला अली अलैहिस्सलाम का जन्म दिवस।

धार्मिक हरिद्वार

इमाम बाड़ा अहबाब नगर में मौला अली अलैहिस्सलाम का जन्म दिवस धूमधाम और हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया। अंजुमन फ़रोग़ ए अज़ा ज्वालापुर के संयोजन में आयोजित मौला अली अलैहिस्सलाम के जन्मदिवस पर महफ़िल ए मुशायरा का आयोजन किया गया। संस्था के अध्यक्ष हैदर नक़वी ने बताया के इस्लामिक केलिन्डर के हिसाब से मौला अली अलैहिस्सलाम का जन्म दिन पैगंबर मुहम्मद के दामाद मौला अली अलैहिस्सलाम के जन्म का प्रतीक है। मौला अली अलैहिस्सलाम का जन्म 13 रजब को मक्का के काबा में हुआ था, जो दुनिया में किसी के जन्म के लिए एक अनोखी घटना है। हैदर नकवी ने कहा कि मौला अली अलैहिस्सलाम इस्लामी दुनिया में एकता को ख़ास अहमियत देते थे। इसको वह अल्लाह की अनुकंपा और उसकी रहमत मानते थे। मौला अली का कहना था कि समाज की भलाई संगठित रहने में ही है। इस बारे में उनका कहना है कि इस बात के मद्देनज़र कि अल्लाह भी संगठन या एकता के साथ है मुसलमानों को एकजुट रहते हुए अपनी एकता की सुरक्षा करनी चाहिए। मौला अली अलैहिस्सलाम समाज या क़ौम में मतभेदों से होने वाले नुक़सान को स्पष्ट करते हुए इसकी उपमा उस भेड़ से देते हैं जो अपने रेवड़ से अलग हो गई है और अब वह चरवाहे से दूर हो चुकी है। इस आधार पर आदमी को संगठित समाज से अलग नहीं होना चाहिए। मुशायरे में बिलाल रज़ा, हैदर नक़वी, जाफ़र रज़ा, ज़हूर हसन, शमीम, अली रज़ा, इक़्तेदार नक़वी कलाम पेश किए। मुशायरे में फ़िरोज़ ज़ैदी, एहतेशाम अब्बास, जोनी, मुदस्सिर हुसैन, हाजी अमान ख़ान, ज़ीशान, यूसुफ, शब्बू अंसार, मुनीर, हसीन, समर, जुनैद, साहिल, कैफ, अली रज़ा, जाफ़र, कय्यूम, बिलाल, शमीम, इक़बाल, सग़ीर, फरहान, सुभान अली, नावेद, मोहसिन, तुराब, श्यान, शहज़ाद आदी ने कलाम पेश किए। मोहम्मद अली, दानिश आब्दी, ज़हूर हसन, खत्ताब, उमैर, फरात, समीर, इख़राज, फैसल, फैसल अली, क़ादिर आदि शामिल रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *