संस्कृति स्कूल में दीपावली का पर्व हर्षोल्लास, उत्साह और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गयाबच्चे भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, हनुमान जी, रावण और भरत सहित रामायण के विभिन्न पात्रों की सुंदर वेशभूषा में विद्यालय पहुंचे।

पर्व, त्यौहार और मेले शिक्षा हरिद्वार

रानीपुर मोड़ स्थित संस्कृति स्कूल में दीपावली का पर्व हर्षोल्लास, उत्साह और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय का वातावरण रामायण के रंगों और दीपावली की खुशियों से सराबोर नजर आया। बच्चे भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, हनुमान जी, रावण और भरत सहित रामायण के विभिन्न पात्रों की सुंदर वेशभूषा में विद्यालय पहुंचे। बच्चों के आकर्षक रूपों ने सभी का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ विशेष प्रार्थना सभा (असेंबली) से हुआ। सभा में बच्चों को दीपावली मनाने का पौराणिक महत्व बताया गया तथा भगवान श्रीराम के चौदह वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटने की प्रेरणादायक कहानी सुनाई गई। इसके माध्यम से बच्चों को समझाया गया कि दीपावली केवल दीप जलाने का त्योहार नहीं, बल्कि खुशियां बांटने, प्रेम, सहयोग, दयालुता और एकता का संदेश देने वाला पर्व है।

इसके पश्चात विद्यालय की सभी कक्षाओं में बच्चों के लिए विभिन्न रचनात्मक एवं मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इनमें रंगोली बनाना, दीप सजाना, मोमबत्तियां बनाना, तोरण तैयार करना तथा अन्य आकर्षक हस्तकला गतिविधियां शामिल रहीं। बच्चों ने पूरे उत्साह और रचनात्मकता के साथ इन गतिविधियों में भाग लिया और अपनी कलात्मक प्रतिभा का सुंदर प्रदर्शन किया।

इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती श्वेता सहगल मैम ने बच्चों को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए जीवन में सत्य, अच्छे संस्कार और अनुशासन का महत्व समझाया। उन्होंने भगवान श्रीराम के आदर्शों का उदाहरण देते हुए कहा कि हमें सदैव सत्य के मार्ग पर चलना चाहिए, अपने माता-पिता एवं बड़ों का सम्मान करना चाहिए तथा उनकी आज्ञा का पालन करना चाहिए। भगवान श्रीराम का आज्ञाकारी और मर्यादित जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।

विद्यालय की निदेशिका श्रीमती दिव्या पंजवानी मैम ने भी बच्चों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं और उनके लिए विशेष आतिशबाजी एवं उत्सव की व्यवस्था करवाई। कार्यक्रम के अंतिम चरण में बच्चों को आतिशबाजी दिखाई गई, जिसे देखकर उनके चेहरों पर खुशी और उत्साह देखते ही बन रहा था।

इस प्रकार संस्कृति स्कूल में दीपावली का उत्सव ज्ञान, संस्कार, रचनात्मकता और खुशियों का सुंदर संगम बन गया। अंत में सभी बच्चे एक-दूसरे को “हैप्पी दिवाली” कहते हुए, अपने चेहरों पर मुस्कान और मन में त्योहार की ढेर सारी खुशियां लेकर अपने-अपने घरों को रवाना हुए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *