उत्तराखंड की बेशकीमती सरकारी भूमि और हरिद्वार स्थित अलकनंदा होटल को लीज पर देने के विरोध में जिला महानगर कांग्रेस कमेटी ने शुक्रवार को अलकनंदा घाट, रोड़ी बेलवाला में धरना-प्रदर्शन किया। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत मौजूद रहे। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आव्हान पर महानगर कांग्रेस अध्यक्ष अमन गर्ग के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए भूमि बचाओ-धामी हटाओ अभियान के तहत विरोध जताया।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि उत्तराखंड की भूमि केवल संपत्ति नहीं, बल्कि प्रदेश की पहचान, संसाधनों और आने वाली पीढ़ियों के अधिकारों से जुड़ा विषय है। सरकार की जिम्मेदारी सार्वजनिक संपत्तियों की रक्षा करना है। विकास के नाम पर लिए जाने वाले फैसलों में पारदर्शिता और जवाबदेही होनी चाहिए। केवल निवेश का नाम लेने से किसी निर्णय की उपयोगिता साबित नहीं होती।
महानगर कांग्रेस अध्यक्ष अमन गर्ग और विधायक रवि बहादुर ने कहा कि सरकार अलकनंदा होटल और अन्य भूमि को लीज पर देने के मामले में स्थिति स्पष्ट करे। लीज की अवधि, संपत्तियों के मूल्यांकन, आवंटन प्रक्रिया और इससे मिलने वाले राजस्व की जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।
विधायक अनुपमा रावत और वरिष्ठ नेता वीरेंद्र रावत ने कहा कि हरिद्वार की जनता सार्वजनिक संपत्तियों को लेकर सरकार से जवाब चाहती है। अलकनंदा होटल से जुड़े फैसले में स्थानीय लोगों की चिंताओं की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। सरकार को सार्वजनिक स्वामित्व, स्थानीय रोजगार और भविष्य की जरूरतों को सुरक्षित रखने की व्यवस्था स्पष्ट करनी चाहिए।
इस दौरान पूर्व विधायक रामयश सिंह,प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष संतोष चौहान, संजय पालीवाल, राजबीर सिंह, महेश प्रताप राणा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राव आफाक, सीपी सिंह, अनिल भास्कर, रविश भटीजा, अशोक शर्मा ,राजीव भार्गव, गुलशन नैय्यर, सुभाष कपिल,आकाश बिरला,संजय सैनी सोम दत्त त्यागी, मकबूल कुरैशी, हिमांशु बहुगुणा कैलाश भट्ट, बलराम गिरी सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।


