हरिद्वार नगर निगम की आज हुई बोर्ड बैठक ऋषिकुल के सभागार में आयोजित की गई जहां 12 नामित पार्षदों को शपथ दिलाई गई। बैठक में उषा ब्रेको की ओर से समयसीमा बढ़ाए जाने के अनुरोध को बोर्ड ने निरस्त कर दिया।पिछली बैठकों में पारित प्रस्तावों पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस पार्षदों ने जमकर विरोध किया। पार्षदों ने कार्रवाई न होने पर पुराने प्रस्तावों की प्रतियां सदन में ही आग के हवाले कर दीं। इससे सत्ता पक्ष के पार्षद भी उत्तेजित हो गए और बैठक का माहौल गरमा गया।
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उषा ब्रेको की समयसीमा बढ़ाने के अनुरोध का विषय बैठक में प्रमुखता से उठा। बोर्ड की ओर से इस अनुरोध को स्वीकार नहीं किया गया।
कांग्रेस पार्षदों ने आरोप लगाया कि नगर निगम बोर्ड की बैठकों में जनता से जुड़े मुद्दों पर प्रस्ताव पारित तो कर दिए जाते हैं, लेकिन उनका क्रियान्वयन नहीं होता।
इसी दौरान कांग्रेस पार्षद पुराने प्रस्तावों की प्रतियां हाथों में लेकर सदन में पहुंचे और कुछ प्रस्तावों की प्रतियां सदन में ही जला दी ।
कांग्रेस पार्षदों ने भेदभाव का आरोप भी लगाया और सभी वार्डों में विकास एवं जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों को समान प्राथमिकता देने की मांग की।
बोर्ड बैठक से पहले नगर निगम में मनोनीत 12 नये पार्षदों का शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने नये पार्षदों का स्वागत किया और उन्हें शुभकामनाएं दी।
मेयर किरण जैसल ने मनोनीत पार्षदों को शपथ दिलाई।
बैठक में भाजपा पार्षदों ने भी शहर की विभिन्न समस्याओं को लेकर अधिकारियों से जवाब मांगे। सदन में बंदरों, आवारा पशुओं और सफाई व्यवस्था का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। पार्षदों ने कहा कि शहर के कई इलाकों में बंदरों और आवारा पशुओं की समस्या बनी हुई है। वार्डों में सफाई व्यवस्था को लेकर भी लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं।
हंगामे के बावजूद बोर्ड बैठक के एजेंडे पर चर्चा होती रही।
हंगामें के चलते बैठक में काफी देर तक माहौल गरम रहा।



