रक्षाबंधन के पावन अवसर पर संस्कृति स्कूल में विशेष आयोजन
संस्कृति स्कूल में रक्षाबंधन का पर्व बड़े उत्साह, प्रेम और आत्मीयता के साथ मनाया गया।
विशेष प्रार्थना सभा में बच्चों को रक्षाबंधन के महत्व से परिचित कराया गया तथा भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी एक सुंदर एवं प्रेरणादायक कथा के माध्यम से भाई-बहन के प्रेम और रक्षा के भाव को समझाया गया।
बच्चों ने उत्साहपूर्वक रक्षाबंधन से जुड़े मधुर गीतों का गायन किया। उन्हें यह भी बताया गया कि रक्षाबंधन केवल भाई द्वारा बहन की रक्षा के संकल्प तक सीमित नहीं है, बल्कि भाई-भाई, बहन-बहन या भाई-बहन—किसी भी रूप में एक-दूसरे की कलाई पर राखी बाँधकर सद्भाव, सहयोग, सम्मान और एक-दूसरे का साथ निभाने का संकल्प लिया जा सकता है।
इस अवसर पर कक्षाओं में विशेष गतिविधियाँ भी आयोजित की गईं, जिनमें बच्चों ने रचनात्मकता के साथ भाग लिया और पर्व के मूल संदेश—प्रेम, विश्वास, सम्मान और एक-दूसरे के लिए सदैव अच्छा करने का संकल्प को आत्मसात किया।
यह आयोजन बच्चों के लिए आनंददायक होने के साथ-साथ उन्हें भारतीय संस्कृति और त्योहारों के मानवीय मूल्यों से जोड़ने वाला एक सुंदर अनुभव रहा।


