सनातन ज्ञान पीठ शिव मंदिर, सेक्टर-1 समिति द्वारा आयोजित श्री शिव महापुराण कथा का अंतिम दिवस श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ संपन्न हुआ। कथा व्यास आचार्य महंत प्रदीप गोस्वामी महाराज ने कथा के उपसंहार का अत्यंत भावपूर्ण और आध्यात्मिक वर्णन किया। बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर भगवान भोलेनाथ की आराधना की और महाप्रसाद ग्रहण कर अपने जीवन को धन्य बनाया।
पूज्य महाराज ने कहा कि श्री शिव महापुराण केवल कथाओं का संग्रह नहीं है, बल्कि यह मनुष्य को सही दिशा दिखाने वाला एक दिव्य ग्रंथ है। इसमें भगवान शिव के स्वरूप, महिमा, भक्ति, ज्ञान, वैराग्य और सदाचार का विस्तृत वर्णन है। श्रद्धा के साथ इसका श्रवण करने से व्यक्ति में सकारात्मक विचारों का संचार होता है और उसे मोह-माया से परे धर्म व सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है।महाराज श्री ने मनुष्य जीवन को दुर्लभ बताते हुए कहा कि भौतिक सुख और संपत्ति जीवन में आवश्यक हो सकते हैं, परंतु वास्तविक सफलता भक्ति, अच्छे कर्म, सेवा, संयम और सदाचार में निहित है। भगवान शिव सरलता, करुणा और निष्काम भाव के प्रतीक हैं। वे केवल भक्त के भाव को देखते हैं, बाहरी वैभव को नहीं। इसलिए अहंकार त्यागकर प्रेम और समर्पण के साथ उनका स्मरण करना चाहिए।
शिवभक्ति को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि केवल मंदिर जाना ही पूजा नहीं है, बल्कि अपने आचरण में शिवत्व को धारण करना सच्ची आराधना है। दूसरों के प्रति करुणा रखना, जरूरतमंदों की मदद करना, माता-पिता व गुरुजनों का सम्मान करना, सत्य बोलना, नशे व बुराइयों से दूर रहना और सामाजिक दायित्वों का पालन करना ही वास्तविक शिव पूजा है। यदि मनुष्य इन गुणों को अपना ले, तो उसका संपूर्ण जीवन ही एक साधना बन जाता है।कथा के उपसंहार में महाराज श्री ने आह्वान किया कि कथा से प्राप्त ज्ञान को दैनिक जीवन में उतारना ही इसकी असली सार्थकता है। उन्होंने प्रतिदिन ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करने तथा समर्थानुसार सेवा व दान करने की सलाह दी। उन्होंने बच्चों को धर्म और भारतीय संस्कृति से जोड़ने पर बल दिया ताकि घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहे।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में मंदिर सचिव ब्रिजेश शर्मा ने सफल आयोजन हेतु मंदिर समिति, यजमानों,सोशल मीडिया, न्यूज़ पेपर व सहयोगियों का आभार व्यक्त किया । इसके बाद विधि-विधान से पूजा-अर्चना और महाआरती संपन्न कर ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय शिव शंभू’ के जयघोष से संपूर्ण परिसर गूंज उठा।अंत मे प्रसाद वितरण के साथ कथा का समापन हुआ।
इस पावन अवसर पर मुख्य यजमान जे.पी. अग्रवाल एवं मंजू अग्रवाल सहित ब्रिजेश शर्मा, दिलीप गुप्ता, राम कुमार, जयप्रकाश, तेजप्रकाश ठाकुर, राकेश मालवीय, आदित्य गहलोत, अनिल चौहान, सुनील चौहान, मोहित शर्मा, मानदाता, हरिनारायण त्रिपाठी, दिनेश उपाध्याय, पंकज चौहान, राजीव, अलका शर्मा, संतोष चौहान, पुष्पा गुप्ता, सरला शर्मा, अन्नपूर्णा, राजकिशोरी मिश्रा, रेनू शर्मा, कुसुम गैरा, भावना गहलोत, कौशल्या, मनसा मिश्रा, सुहानी गुप्ता, सुनीता चौहान, मीनाक्षी सहित भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।



