रोडीबेलवाला पार्किंग के पास ग्राउंड में करीब 03 वर्षीय बच्चा ऋतिक रोता हुआ अकेला मिला। मासूम की आंखों में अपनों से बिछड़ने का डर था और वह लगातार रो रहा था।
खोया-पाया केंद्र पर तैनात महिला पुलिसकर्मियों ने अपने अनुभव और ममता भरे व्यवहार से बच्चे को शांत किया।
उनकी गोद और अपनापन पाकर मासूम को सुकून मिला और वह चैन से सो गया।
बच्चे के परिजनों की तलाश के लिए तत्काल अनाउंसमेंट, फोटो सर्कुलेशन और संबंधित ग्रुपों में सूचना प्रसारित की गई। साथ ही रोडबेलवाला पार्किंग के आसपास भी लगातार अनाउंसमेंट कराया गया।
कुछ ही देर बाद बच्चे के परिजन खोया-पाया केंद्र पहुंचे।

अपने लाडले को सुरक्षित देखकर परिजनों की आंखों में राहत और खुशी साफ झलक रही थी। उन्होंने उत्तराखण्ड पुलिस का दिल से आभार व्यक्त किया।
बच्चे की पहचान ऋतिक पुत्र खुशीराम, निवासी नांगलोई-नजफगढ़ रोड, पीरागढ़ी, नई दिल्ली, उम्र लगभग 03 वर्ष के रूप में हुई। आवश्यक सत्यापन के बाद मासूम को उसके परिजनों के सुरक्षित सुपुर्द कर दिया गया। किसी परिवार की खोई हुई खुशी लौटाना ही पुलिस सेवा की सबसे खूबसूरत तस्वीर है। आज एक मासूम फिर अपनी मां-बाप की गोद में था… और यही इस ड्यूटी की सबसे बड़ी सफलता है।
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पुलिस की तत्परता से परिजनों से मिली 2 वर्षीय बच्ची
हरिद्वार। आज सुबह लगभग 6:15 बजे मालवीय घाट पर गश्त के दौरान पुलिसकर्मियों को करीब 2 वर्षीय बच्ची अकेले घूमती हुई दिखाई दी। आसपास मौजूद लोगों ने बताया कि बच्ची काफी देर से अकेली घूम रही थी।
पुलिसकर्मियों ने तत्काल बच्ची को अपने संरक्षण में लिया और उसके माता-पिता की तलाश शुरू की। काफी प्रयास के बाद बच्ची के परिजनों को तलाश लिया गया।
बच्ची की पहचान रौनक, माता का नाम संतोष, निवासी छछरपुर, बड़ौत, बागपत (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई। आवश्यक सत्यापन के बाद बच्ची को सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।

