हरिद्वार के व्यापारियों और नगरनिगम कर्मचारियों के बीच अतिक्रमण हटाने को लेकर शुरू हुआ विवाद देर शाम अधिकारियों के आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। इसके साथ बंद बाजार भी खुल गये। इससे पूर्व व्यापार मंडल के आव्हान पर दोपहर बाद हरिद्वार के व्यापारियों ने अपने अपने प्रतिष्ठान बंद बंद कर विरोध जताया।
दोपहर में अपररोड़ पर नगरनिगम अधिकारी, कर्मचारियों से अतिक्रमण अभियान को लेकर व्यापारियों का विवाद हुआ था। जिसके बाद नगरनिगम कर्मचारियों ने व्यापारी नेताओं द्वारा दुर्व्यवहार करने व सरकारी काम में बाधा डालने को लेकर कुछ व्यापारी नेताओं के खिलाफ नगर कोतवाली में तहरीर दी थी। इसके बाद गुस्साए व्यापारियों ने बाजार बंद कराकर अपररोड़ पर धरना शुरू कर दिया उनके समर्थन में भाजपा कांग्रेस समाजवादी पार्टी के नेताओं सहित गंगा सभा के पदाधिकारी और व्यापार मंडल के लोग धरने में शामिल हुए।
बात तब ओर बिगड़ गई जब निगम कर्मचारियों ने व्यापारी नेताओं की दुकानों के आगे कूड़े के ढेर लगा दिए। इसके बाद व्यापारियों की ओर से उप नगरायुक्त नगर निगम दीपकनाथ गोस्वामी के खिलाफ भी परेशान करने के आरोपों में पुलिस को तहरीर दी गई। इसके बाद एसडीएम हरिद्वार योगेश मेहरा, सिटी मजिस्ट्रेट हरगिरी, एसपी सिटी अभयसिंह आदि ने धरना स्थल पर पहुंच कर व्यापारियों से वार्ता की और धरना समाप्त कराया। व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष संजीव नैय्यर ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए हरिद्वार आने वाले यात्रियों को निःसंकोच आने का संदेश दिया।


व्यापारियों ने मांग की कि पूरे मामले की पारदर्शिता से जांच कराई जाए। धरना समाप्त होने के बाद दोपहर से बंद बाजार भी खुल गये। हालांकि प्रशासन का कहना है कि अतिक्रमण पर कोई रियायत नहीं दी जाएगी और अतिक्रमण के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।


