सुप्रीम कोर्ट ने यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में भेदभाव को रोकने के लिए यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन की ओर से जारी नए नियमों पर गुरुवार को रोक लगा दी है. पिछले काफ़ी समय से इन नियमों का विरोध हो रहा था।
सुप्रीम कोर्ट ने आज गुरुवार को जाति-आधारित भेदभाव की परिभाषा से जुड़े यूजीसी रेगुलेशन के खिलाफ याचिकाओं पर सुनवाई शुरू की। सीजेआई ने कहा कि रेगुलेशन में जो शब्द इस्तेमाल किए गए हैं उनसे यह लगता है कि इस रेगुलेशन का दुरुपयोग किया जा सकता है। इसके साथ ही कोर्ट ने जाति भेदभाव की परिभाषा से जुड़े यूजीसी के नियम पर रोक लगा दी। कोर्ट ने जाति भेदभाव की परिभाषा से जुड़े नियम को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर केंद्र और यूजीसी को नोटिस जारी किया।
इस दौरान कोर्ट ने कहा, हम एजुकेशनल इंस्टिट्यूशन में फ्री, बराबर और सबको साथ लेकर चलने वाला माहौल चाहते हैं। साथ ही कहा कि हम सिर्फ संवैधानिकता और वैधता की सीमा पर इसकी जांच कर रहे हैं। कोर्ट ने कहा, हम एजुकेशनल इंस्टिट्यूशन में फ्री, बराबर और सबको साथ लेकर चलने वाला माहौल चाहते हैं।

