दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने नेशनल हेराल्ड केस में अहम फैसला दिया है। अदालत ने राहुल गांधी और सोनिया गांधी को ईडी केस से राहत दी है। जज विशाल गोगने की बेंच ने इस मामले में ईडी की ओर से दाखिल चार्जशीट का संज्ञान लेने से ही इनकार कर दिया। बेंच ने कहा कि जब इस मामले में दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा पहले ही जांच कर रही है। ऐसे में इस चार्जशीट का संज्ञान लेने का कोई तुक नहीं बनता है। जज विशाल गोगने ने कहा कि इस मामले की शिकायत सुब्रमण्यन स्वामी ने मजिस्ट्रेट के समक्ष की थी। इसमें कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई थी। ऐसी स्थिति में यह मामला मनी लॉन्डिंग ऐक्ट के तहत नहीं आता है और ईडी इसे अपने हाथ में नहीं ले सकती।
इस प्रकार कांग्रेस द्वारा अपने एक्स अकाउंट पर लिखा है।
सत्य की जीत हुई है
मोदी सरकार की बदनीयत और गैरकानूनी तरीके से की गई कार्रवाई पूरी तरह से बेनकाब हो गई है.
माननीय अदालत ने यंग इंडियन मामले में कांग्रेस नेतृत्व – श्रीमती सोनिया गांधी जी और श्री राहुल गांधी जी के खिलाफ ED की कार्रवाई को अवैध और दुर्भावना से ग्रसित पाया है.
अदालत ने फैसला दिया है कि ED का मामला क्षेत्राधिकार से बाहर है, उसके पास कोई FIR नहीं है जिसके बिना कोई मामला ही नहीं बनता.मोदी सरकार द्वारा पिछले एक दशक से मुख्य विपक्षी दल के ख़िलाफ़, राजनैतिक प्रतिशोध और बदले की भावना से की जा रही यह कार्रवाई आज पूरे देश के सामने बेनकाब हो गई है.मनी लॉन्ड्रिंग का कोई मामला नहीं, अपराध की कोई आय नहीं और संपत्ति का कोई हस्तांतरण नहीं – यह सभी निराधार आरोप जो निम्नस्तरीय राजनीति, द्वेष की भावना और सम्मान पर हमला करने की भावना से प्रेरित हैं – आज सब धराशायी हो गए.कांग्रेस पार्टी और हमारा नेतृत्व सत्य के लिए और हर भारतीय के अधिकारों के लिए लड़ने के लिए प्रतिबद्ध है – हम कोई भी डरा नहीं सकता – क्योंकि हम सत्य के लिए लड़ते हैं.

