बसंत भवन दुकानों की नीलामी के विरोध में व्यापारियों का जनहित कार्यक्रम, राज्य मंत्री को सौंपा गया ज्ञापन
हरिद्वार के खड़खड़ी क्षेत्र में स्थित बसंत भवन की दुकानों की प्रस्तावित नीलामी को लेकर आज स्थानीय व्यापारियों एवं क्षेत्रवासियों द्वारा एक शांतिपूर्ण जनहित में धरना किया गया।
धरने में व्यापारियों ने अत्यधिक प्रीमियम, अव्यवहारिक किराया और अपारदर्शी नीलामी प्रक्रिया पर कड़ा विरोध दर्ज कराया।
धरने के दौरान उत्तराखंड सरकार के राज्य मंत्री ओम प्रकाश जमदग्नि को व्यापारियों की ओर से एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें नीलामी को तत्काल स्थगित करने, प्रीमियम–किराये का पुनर्मूल्यांकन करने तथा स्थानीय व्यापारियों के हितों की रक्षा की मांग की गई।
कार्यक्रम का संचालन अनुज गुप्ता द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि यदि इस नीलामी को वर्तमान शर्तों पर किया गया तो स्थानीय छोटे व्यापारियों का रोज़गार समाप्त हो जाएगा, जो कि सामाजिक और आर्थिक रूप से गंभीर समस्या होगी।
व्यापारी कलावती एवं अनिल भारद्वाज ने संयुक्त रूप में कहा कि हम कई वर्षों से यहाँ अपना व्यापार कर रहे हैं। आज पहली बार ऐसा लग रहा है कि हमारा रोज़गार छिन सकता है। सरकार को स्थानीय व्यापारियों के बारे में सोचकर कोई निर्णय लेना चाहिए।”
प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश सचिव मयंक मूर्ति भट्ट एवं शहर अध्यक्ष प्रवीण शर्मा ने कहा कि यह केवल व्यापार का मुद्दा नहीं है, यह रोज़गार और सम्मान की लड़ाई है। यदि प्रशासन ने समय रहते इस मुद्दे का समाधान नहीं किया तो यह आंदोलन और व्यापक रूप लेगा। हमारा संगठन इनकी लड़ाई को सड़क से लेकर सदन तक लड़ेगा ।
प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल के तहसील अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक एवं महामंत्री आदेश मारवाड़ी ने कहा कि
छोटे व्यापारियों के साथ इस तरह का व्यवहार समाज के लिए घातक है। विकास वही होता है जिसमें सब साथ चलें। हम सरकार से माँग करते हैं कि इस नीलामी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए।
ललित कुमार और अशोक गोस्वामी पीड़ित व्यापारियों ने संयुक्त रूप में कहा
“हमारा पूरा परिवार इसी दुकान से चलता है। अगर यह नीलामी ऐसे ही हुई तो हमारे बच्चों का भविष्य अंधेरे में चला जाएगा। हम सरकार से न्याय की उम्मीद करते हैं।
धरना देने वाले लोगों की मुख्य माँगें
बसंत भवन दुकानों की नीलामी तत्काल रोकी जाए
प्रीमियम और किराये का पुनर्मूल्यांकन किया जाए
स्थानीय व्यापारियों को प्राथमिकता दी जाए
नीलामी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए

