कृषि पारिस्थितिकी की पहल से आजीविका संवर्धन और खाद्य संप्रभुता -डॉ. वी.बी. माथुर
‘’समूचा हिमालय स्वयं में कृषि-पारिस्थितिकी का दर्पण है. इस विराट भोजन सभ्यता को जैव विविधता के संरक्षण से ही सफल बनाया जा सकता है. यह सफलता किसानों की आजीविका में सतत वृद्धि के साथ ही भोजन संप्रभुता की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगी.’’ यह कहना था जैवविविधता प्राधिकरण (एनबीए) के पूर्व अध्यक्ष और […]
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