शिरोमणि गुरु रविदास विश्व महापीठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरजीत सिंह ने दुष्यंत गौतम पर लगाए जा रहे आरोपों को गलत बताया और कांग्रेस पर इस मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया।
प्रेस क्लब हरिद्वार में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए गुरु रविदास विश्व महापीठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कांग्रेस को दलित विरोधी बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पहले बाबा साहब अंबेडकर अंबेडकर जी ,जगजीवन राम जी और काशीराम जी का विरोध किया और अब दलित समाज से राज्यपाल बनाए गए दुष्यंत गौतम का विरोध कर रही है। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी के गुनहगारों को अदालत ने सजा सुना दी है और इस सारी प्रक्रिया में दुष्यंत गौतम का कहीं नाम नहीं आया उन्होंने कहा कि एक पति ने नशे में अपनी तथाकथित पत्नी से कुछ बोल दिया और उसे लेकर यह सारा विवाद पैदा किया जा रहा है जबकि माननीय हाईकोर्ट ने भी यह माना है कि दुष्यंत गौतम के विरुद्ध मिथ्या प्रचार किया जा रहा है और कोर्ट द्वारा उसे रोकने की बात भी कही गई ।उन्होंने सभी का खुला आव्हान किया कि अगर इस संबंध में किसी के पास कोई तथ्य है तो वह लेकर सामने आए। जांच में यह भी साबित हो चुका है कि उसे दौरान उनकी लोकेशन वहां थी नहीं, पत्रकार द्वारा पूछे एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने इस बात का खंडन किया कि इस घटना के कारण दुष्यंत गौतम को उत्तराखंड बीजेपी प्रभारी पद से मुक्त किया गया उन्होंने कहा कि उनका कार्यकाल पूरा हो गया था और नए अध्यक्ष ने नई टीम का गठन किया है।
शिरोमणि गुरु रविदास महापीठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि दुष्यंत गौतम इस महापीठ के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष हैं यदि कांग्रेस उन पर झूठे आरोप लगाने से बाज नहीं आई तो यह महापीठ चुनाव में पूरे देश में उसका विरोध करेगी। पत्रकार वार्ता में पीठ के प्रदेश अध्यक्ष सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।


