गुरु पूर्णिमा के अवसर पर हरिद्वार के विभिन्न अखाड़ों और आश्रमों में गुरु पूजन किया गया और भारत माता मंदिर समन्वय कुटीर एवं हरिहर आश्रम में गुरु पूर्णिमा धूमधाम से बनाई गई इस अवसर पर हजारों भक्तों ने अपने गुरु का पूजन किया और उन्हें फूल मनाएं चढ़ाई तिलक किया अंग वस्त्र भेंट किया और उनकी आरती उतारी।
भारत माता मंदिर समन्वय ट्रस्ट के संस्थापक महामंडलेश्वर ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज की समाधि में उनके शिष्य जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि महाराज ने अपने गुरु की समाधि में मत्था टेका और उनका पूजन किया और भंडारे का आयोजन किया। जूना अखाड़े की आचार्य पीठ हरिहर आश्रम कनखल में आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज द्वारा रुद्राभिषेक और पूजन किया गया इस अवसर पर देश विदेश से आए हजारों भक्तों ने अपने गुरु आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि महाराज का पूजन किया और उनसे आशीर्वाद लिया। आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि महाराज ने कहा कि गुरु से बड़ा कोई नहीं है,गुरु का स्थान तो ईश्वर से भी ऊपर है, क्योंकि गुरु ही हमें ईश्वर तक पहुंचाने का मार्ग दिखाते हैं। भारत माता मंदिर के महंत ललितानंद गिरी महाराज ने कहा कि गुरु के बिना ज्ञान प्राप्त नहीं होता है। भारत माता मंदिर और समन्वय ट्रस्ट के ट्रस्टी सचिव आई डी शास्त्री ने कहा कि भारत माता मंदिर के संस्थापक गुरु महाराज महामंडलेश्वर स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज की समाधि में विशेष पूजन किया गया और समन्वय कुटीर में पूजन एवं प्रसाद वितरण किया गया देश-विदेश से आए महाराज श्री के भक्तों ने कार्यक्रम में भाग लिया।


