भारतीय संस्कृति में वृक्ष संपदा को पूजनीय मानकर हर दिन प्रकृति पर्व के रूप में मनाया जाता है लेकिन वर्ष में 16 जुलाई के दिन को तो प्रकृति के लोकमहापर्व मनाए जाने की परम्परा है। हिंदू पंचांग और आंग्ल कलेंडर के माध्यम से 16 जुलाई को कर्क संक्रांति का योग बनता है जिस दिन सूर्यदेव दक्षिणायन होते हैं और पूरे ब्रह्मांड की खगोलीय अवस्था को प्राकृतिक रचना के अनुरूप पर्यावरणीय संतुलन बनाने में अहम भूमिका होती है। वैसे तो संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा हर दिन कोई न कोई विशेष दिवस मनाया जाता है लेकिन जीवन के लिए आवश्यक प्राणवायु ऑक्सीजन बनाने वाले कारखाने यानी वृक्ष संरक्षण हेतु वृक्ष दिवस नहीं मनाया जाता है। भारतीय वृक्ष न्यास (ट्री ट्रस्ट ऑफ इंडिया) द्वारा संचालित ‘मिशन सवा सौ करोड़’ के तहत उत्तराखंड के हरेला लोकपर्व को “वृक्ष दिवस” के रूप में मनाए जाने वाला जनाभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पोस्टकार्ड लिखकर पूरे देश में 16 जुलाई को “वृक्ष दिवस महोत्सव” मनाए जाने की मांग को लेकर “पोस्टकार्ड अभियान” चल रहा है। उक्त जानकारी भारतीय वृक्ष न्यास (ट्री ट्रस्ट ऑफ इंडिया) के अध्यक्ष हरितऋषि डॉ0 विजयपाल बघेल ने अपने बयान में दी।
ग्रीनमैन विजयपाल बघेल ने बताया कि ‘वर्ल्ड ट्री डे नेटवर्क’ के माध्यम से दुनिया में 16 जुलाई को ‘वृक्ष दिवस’ के रूप में मनाए जाने का आव्हान किया जा रहा है, सभी देशों को सुग्राही बनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पोस्टकार्ड लिखकर हम सब को याचना करनी चाहिए ताकि योग दिवस की भांति ‘वृक्ष दिवस’ भी अपने देश में मनाए जाने के साथ विश्व पटल पर मनाया जा सके। बघेल ने सभी वृक्ष प्रेमियों से अपील की कि जिन्होंने प्रधानमंत्री जी को अभी तक पोस्टकार्ड नहीं लिखा है वे शीघ्र ही लिखकर पोस्टकार्ड अभियान का हिस्सा बनें।



