पीएमश्री अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज, मुण्डाखेड़ा कलां, लक्सर, हरिद्वार में अत्यंत हर्ष, उत्साह, आत्मीयता एवं गरिमामय वातावरण में भव्य पूर्व छात्र मिलन समारोह (Alumni Meet – 2026) का आयोजन किया गया। यह समारोह विद्यालय परिवार, पूर्व छात्रों, वर्तमान विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के लिए एक अविस्मरणीय एवं प्रेरणादायी अवसर सिद्ध हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यालय के पूर्व छात्रों को एक साझा मंच प्रदान करना, उनके अनुभवों एवं उपलब्धियों को वर्तमान विद्यार्थियों तक पहुँचाना तथा विद्यालय एवं पूर्व छात्रों के मध्य आत्मीय संबंधों को और अधिक मजबूत बनाना रहा। समारोह के आयोजन को लेकर विद्यालय परिसर में विशेष उत्साह देखने को मिला। विद्यालय को आकर्षक रूप से सजाया गया था।

प्रवेश द्वार से लेकर मंच तक रंगोली, पुष्प सज्जा एवं प्रेरणादायी संदेशों के माध्यम से अतिथियों का स्वागत किया गया। वर्षों बाद अपने विद्यालय पहुँचे पूर्व छात्रों के चेहरे पर पुरानी यादों की चमक स्पष्ट दिखाई दे रही थी। विद्यालय का वातावरण मानो पुनः पुराने छात्र जीवन की स्मृतियों से जीवंत हो उठा था।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। दीप प्रज्वलन ज्ञान, संस्कृति एवं सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक रहा। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने शिक्षा के प्रकाश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाने का संकल्प लिया।
इसके पश्चात विद्यालय की छात्राओं राजनंदिनी, अजरा, निदा एवं सोफिया द्वारा अत्यंत मधुर एवं भावपूर्ण सरस्वती वंदना — “वीणा वादिनी ज्ञान की देवी” प्रस्तुत की गई। छात्राओं की सुरमयी प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। उपस्थित अतिथियों एवं पूर्व छात्रों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ छात्राओं का उत्साहवर्धन किया। सरस्वती वंदना ने समारोह की शुरुआत को सांस्कृतिक गरिमा एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण बना दिया। इसके उपरांत छात्राओं संगम, सोफिया, तानिया, आयुषी एवं प्रियांशी द्वारा स्वागत गीत “मन की वीणा से निकले स्वागतं” प्रस्तुत किया गया। स्वागत गीत की मधुर प्रस्तुति ने कार्यक्रम में आत्मीयता एवं उल्लास का वातावरण निर्मित कर दिया। गीत के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपने पूर्व छात्रों एवं अतिथियों के प्रति सम्मान एवं प्रेम की भावना व्यक्त की।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिवार द्वारा मुख्य अतिथियों, पूर्व छात्रों एवं विशिष्ट आगंतुकों का सम्मानपूर्वक स्वागत किया I पुष्पगुच्छ के माध्यम से विद्यालय परिवार ने अपने पूर्व छात्रों के प्रति सम्मान एवं गौरव की भावना व्यक्त की। इस अवसर पर अनेक पूर्व छात्र भावुक दिखाई दिए और उन्होंने विद्यालय द्वारा दिए गए सम्मान के लिए आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री सुभाष चंद त्यागी द्वारा की गई। उन्होंने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा प्राप्त करने का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कार, अनुशासन एवं व्यक्तित्व निर्माण की आधारशिला होता है। उन्होंने कहा कि पूर्व छात्र किसी भी शिक्षण संस्थान की वास्तविक पहचान होते हैं और उनकी उपलब्धियाँ विद्यालय के गौरव को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाती हैं।
उन्होंने आगे कहा कि पूर्व छात्र मिलन समारोह केवल पुनर्मिलन का अवसर नहीं, बल्कि अनुभवों एवं प्रेरणाओं के आदान-प्रदान का सशक्त माध्यम है। उन्होंने वर्तमान विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत निरंतर की जाए, तो ग्रामीण परिवेश में अध्ययन करने वाला विद्यार्थी भी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता प्राप्त कर सकता है।
कार्यक्रम का सफल संचालन एवं समन्वयन कार्यक्रम संयोजक डॉ. संतोष कुमार चमोला द्वारा किया गया। उन्होंने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए विद्यालय की उपलब्धियों, नवाचारों एवं शैक्षिक गतिविधियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विद्यालय के पूर्व छात्र उसकी सबसे बड़ी पूंजी होते हैं और उनके अनुभव वर्तमान विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि विद्यालय निरंतर शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, नवाचारों को अपनाने तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रयासरत है। उन्होंने सभी पूर्व छात्रों से विद्यालय के शैक्षिक एवं सांस्कृतिक विकास में सहयोग देने का आग्रह किया।
समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत पूर्व छात्रों ने अपने अनुभव साझा किए। अपने छात्र जीवन की यादों को ताजा करते हुए उन्होंने विद्यालय एवं शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
पूर्व छात्र एडवोकेट तैयब ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यालय में प्राप्त अनुशासन एवं शिक्षकों का मार्गदर्शन उनके जीवन की सफलता का आधार बना। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी शिक्षकों ने विद्यार्थियों का उत्साह कभी कम नहीं होने दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर अध्ययन, सकारात्मक सोच एवं आत्मविश्वास बनाए रखने की प्रेरणा दी। आकाश कर्णवाल ने विद्यालय के पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि विद्यालय में शिक्षकों द्वारा दी गई शिक्षा आज भी उनके जीवन में मार्गदर्शक की भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि विद्यालय ने उन्हें संघर्ष करना, समय का सदुपयोग करना एवं अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहना सिखाया। सुबोध त्यागी ने छात्र जीवन की यादों को साझा करते हुए कहा कि विद्यालय ने उन्हें मंच प्रदान किया, जहाँ उन्होंने आत्मविश्वास एवं नेतृत्व क्षमता विकसित की। उन्होंने विशेष रूप से छात्राओं को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने तथा अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित किया।
श्रुति गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यालय का वातावरण सदैव प्रेरणादायी एवं सकारात्मक रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का स्नेह एवं मार्गदर्शन विद्यार्थियों को सही दिशा प्रदान करता है। उन्होंने अपने विद्यालयीन दिनों की अनेक रोचक स्मृतियाँ साझा कीं, जिन्हें सुनकर उपस्थित सभी लोग भावुक एवं आनंदित हो उठे।

रजनीश ने कहा कि विद्यालय में प्राप्त अनुशासन एवं समय प्रबंधन की शिक्षा आज भी उनके जीवन में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है। नीशू गुप्ता ने विद्यार्थियों को कठिन परिश्रम, नियमित अध्ययन एवं लक्ष्य के प्रति समर्पण का संदेश दिया। तनु सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में स्थित विद्यालय होने के बावजूद यहाँ की शिक्षा एवं संस्कार किसी भी बड़े विद्यालय से कम नहीं हैं। उन्होंने छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने एवं अपने सपनों को साकार करने के लिए निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा दी। प्रद्युम्न गुप्ता ने विद्यालय की शैक्षिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि विद्यालय ने उन्हें जीवन में संघर्षों का सामना करना सिखाया। उन्होंने कहा कि विद्यालय में प्राप्त संस्कार आज भी उनके जीवन की सबसे बड़ी पूंजी हैं। अनुज कुमार ने विद्यालय एवं शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय में प्राप्त शिक्षा ने उन्हें एक जिम्मेदार एवं संवेदनशील नागरिक बनने की प्रेरणा दी। उन्होंने विद्यार्थियों को मोबाइल एवं सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों से बचते हुए अध्ययन एवं व्यक्तित्व विकास पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। इसके अतिरिक्त वंश सैनी, शिवधार, दुर्गेश, आशीष, शशीकांत सैनी, कुमारी मधु सैनी, डॉ नौशाद अली ने भी इस अवसर पर अपने विचार रखें I कार्यक्रम में उपस्थित वर्तमान विद्यार्थियों ने पूर्व छात्रों के अनुभवों को अत्यंत ध्यानपूर्वक सुना तथा उनसे प्रेरणा प्राप्त की। विद्यार्थियों ने करियर, प्रतियोगी परीक्षाओं, समय प्रबंधन, लक्ष्य निर्धारण एवं सफलता के सूत्रों से संबंधित प्रश्न पूछे, जिनका पूर्व छात्रों ने सरल एवं प्रेरणादायी उत्तर दिया। इस संवाद सत्र ने विद्यार्थियों में नई ऊर्जा एवं आत्मविश्वास का संचार किया। समाजसेवी श्री श्याम लाल जी ने बताया की विद्यालय का गौरवमयी इतिहास है और हमें इसके विकास के लिए सदैव पर्यटनशील रहना चाहिए I समारोह का प्रमुख आकर्षण विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम रहे। छात्रा तानिया द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।

विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत, समूह नृत्य, लोकगीत एवं प्रेरणादायी प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। इन प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में उत्साह एवं ऊर्जा का संचार कर दिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के पुराने दिनों की स्मृतियों को साझा करते हुए अनेक पूर्व छात्र भावुक हो उठे। उन्होंने विद्यालय परिसर, कक्षाओं, खेल मैदान एवं शिक्षकों के साथ बिताए पलों को याद करते हुए कहा कि यह विद्यालय उनके जीवन की अमूल्य धरोहर है। कई पूर्व छात्रों ने कहा कि वर्षों बाद विद्यालय लौटकर उन्हें ऐसा प्रतीत हुआ मानो वे पुनः अपने छात्र जीवन में पहुँच गए हों। जलपान के उपरांत आज के दिन को चिरस्थाई बनाए रखने के लिए सभी पूर्व छात्र-छात्राओं द्वारा विद्यालय प्रांगण में पौधा रोपित किया गया I इस अवसर पर विद्यालय परिवार के सम्मानित शिक्षकगण सुषमा देवी, गीता रानी, गरिमा कुक्साल, अनवारुल हुसैन, ज्ञान प्रकाश शर्मा, कृष्ण कुमार, तेजपाल सिंह, लीना शर्मा, डॉ. नीतु रस्तोगी, रीता चौधरी, संजीव कुमार, हरेंद्र सिंह रावत, ब्रह्मपाल सिंह, उमेश कंडवाल, मोहम्मद जावेद, पूनम, नौशाद एवं महेंद्र आदि उपस्थित रहे तथा कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। श्री ज्ञान प्रकाश शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यार्थियों की सफलता ही शिक्षक के लिए सबसे बड़ा सम्मान होती है। उन्होंने वर्तमान विद्यार्थियों को अनुशासन, परिश्रम एवं सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम के अंत में सभी पूर्व छात्रों एवं अतिथियों को स्मृति-चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। समूह छायाचित्र एवं संवाद सत्र के माध्यम से सभी ने अपने पुराने संबंधों को पुनः जीवंत किया। डॉ संतोष कुमार चमोला द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ समारोह का समापन हुआ। विद्यालय परिवार की ओर से सभी अतिथियों, पूर्व छात्रों, अभिभावकों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया।
यह पूर्व छात्र मिलन समारोह विद्यालय एवं पूर्व छात्रों के मध्य आत्मीय संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करने वाला सिद्ध हुआ। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि जीवनभर जुड़े रहने वाले रिश्तों, प्रेरणाओं, संस्कारों एवं स्मृतियों की आधारशिला होता है। यह समारोह विद्यालय के इतिहास में एक प्रेरणादायी एवं अविस्मरणीय अध्याय के रूप में सदैव स्मरणीय रहेगा।

