हरिद्वार में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 2252 एवं 132 प्री-लिटिगेशन मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा हुआ,  छह करोड़ रुपए से अधिक का सेटलमेंट हुआ।

प्रशासन समस्या हरिद्वार

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देशानुसार एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, उत्तराखण्ड के तत्वावधान में आज  जनपद न्यायाधीश अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हरिद्वार न्यायमूर्ति नरेन्द्र दत्त के कुशल मार्गदर्शन में इस वर्ष की द्वितीय “राष्ट्रीय लोक अदालत” का सफल आयोजन किया गया।

जिला न्यायालय परिसर रोशनाबाद में 10 बेंच बाह्य न्यायालय रुड़की में 07 बेंच एवं न्यायालय लक्सर में 03 बेंचों का गठन कर लंबित एवं प्री-लिटिगेशन मामलों का निस्तारण आपसी सुलह-समझौते के आधार पर किया गया। इस लोक अदालत में चेक बाउंस, मोटर दुर्घटना क्लेम, पारिवारिक विवाद, सिविल वाद, श्रम विवाद, बिजली-पानी के बिल एवं बैंक रिकवरी, शमनीय प्रकृति के मामलों को प्राथमिकता दी गई, जिससे न्यायालयों में लंबित मुकदमों के बोझ को कम करने में बड़ी सफलता मिली।

आज के इस आयोजन में न्यायालयों में लंबित कुल वाद 2252 एवं 132 प्री-लिटिगेशन मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया, जिसके अंतर्गत कुल ₹ 6,42,88,111/- की समझौता राशि का सेटलमेंट हुआ। जनपद न्यायाधीश के नेतृत्व में आयोजित इस लोक अदालत के सफल संचालन हेतु सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा समस्त न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्वान अधिवक्ताओं और वादकारियों का आभार प्रकट किया गया।          
          

इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरिद्वार की की सचिव सिविल जज (सीनियर डिवीजन) सिमरनजीत कौर ने कहा कि लोक अदालत त्वरित न्याय प्राप्त करने का एक सशक्त और किफायती माध्यम है, जिससे पक्षकारों के मध्य आपसी सुलह-समझौते के आधार पर मामलों का निस्तारण होता है और जिस कारण वर्षों से चली आ रही कटुता समाप्त होती है और आपसी प्रेम व सद्भाव बढ़ता है।

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