उत्तरांचल (पर्वतीय) कर्मचारी-शिक्षक संगठन की जनपद ईकाई ने प्रदेश नेतृत्व से की मांग,’केंद्रीय कर्मचारियों की तर्ज पर राज्य कर्मचारियों को भी मिले “कंपोजिट सैलरी अकाउंट पैकेज” ‘

समस्या हरिद्वार

केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों लिए लागू किए गए “कंपोजिट सैलरी अकाउंट पैकेज” को राज्य कर्मचारियों एवं शिक्षकों के लिए भी लागू किए जाने की मांग उठने लगी है। इसी क्रम में उत्तरांचल (पर्वतीय) कर्मचारी-शिक्षक संगठन, जनपद शाखा हरिद्वार ने संगठन के प्रदेश नेतृत्व को पत्र लिखकर इस विषय पर ठोस पहल करने का अनुरोध किया है।
संगठन ने पत्र के माध्यम से अवगत कराया कि वित्तीय सेवा विभाग (DFS) द्वारा सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के सहयोग से प्रारंभ यह पैकेज केंद्रीय कर्मचारियों को एक ही मंच पर शून्य-बैलेंस सैलरी अकाउंट, व्यापक बीमा सुरक्षा, रियायती ऋण, डिजिटल बैंकिंग सुविधाएँ, प्रीमियम कार्ड, एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस, लॉकर रेंट में छूट एवं फैमिली बैंकिंग जैसे अनेक लाभ प्रदान करता है। यह पैकेज न केवल कर्मचारियों की वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करता है, बल्कि उनकी बैंकिंग एवं ऋण संबंधी आवश्यकताओं को भी सरल और किफायती बनाता है।
संगठन के जिलाध्यक्ष ललित मोहन जोशी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य के सरकारी कर्मचारी एवं शिक्षक भी सीमित वेतन, बढ़ती महँगाई और पारिवारिक दायित्वों के बीच समान रूप से महत्वपूर्ण सेवाएँ दे रहे हैं, बावजूद इसके वे ऐसी समग्र और आधुनिक वित्तीय सुविधाओं से वंचित हैं। ऐसे में राज्य कर्मचारियों और शिक्षकों को भी केंद्र सरकार की भाँति “कंपोजिट सैलरी अकाउंट पैकेज” का लाभ मिलना चाहिए।
उत्तरांचल (पर्वतीय) कर्मचारी-शिक्षक संगठन, जनपद हरिद्वार ने प्रदेश नेतृत्व से आग्रह किया है कि इस कर्मचारी-हितैषी विषय को प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार, वित्त विभाग एवं संबंधित विभागों के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाया जाए तथा उत्तराखंड राज्य के समस्त सरकारी कर्मचारियों एवं शिक्षकों के लिए इस प्रकार की सुविधा लागू कराने हेतु ठोस प्रयास किए जाएँ।
संगठन को विश्वास है कि प्रदेश नेतृत्व शीघ्र सकारात्मक पहल करेगा, जिससे राज्य के लाखों कर्मचारी एवं शिक्षक इस महत्वपूर्ण सुविधा से लाभान्वित हो सकेंगे।

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