सनातन ज्ञानपीठ शिव मंदिर सेक्टर 1 रानीपुर हरिद्वार प्रांगण में लगातार चली आ रही 57 वीं श्री राम जानकी कथा के दसवे दिवस की कथा में परम पूज्य आचार्य महंत प्रदीप गोस्वामी महाराज जी ने बताया की जब् अंगद और रावण के संवाद के बाद, जब शांति के सभी प्रयास विफल हो गए, तो युद्ध अनिवार्य हो गया।रावण के इनकार के बाद प्रभु श्री राम ने अपनी वानर सेना को लंका पर आक्रमण करने की आज्ञा दी। दोनों सेनाओं के बीच भयंकर युद्ध छिड़ गया। वानर सेना की ओर से हनुमान, अंगद, जाम्बवंत और सुग्रीव ने वीरता का परिचय दिया।रावण ने अपने विशालकाय भाई कुंभकर्ण को नींद से जगाकर युद्ध में भेजा, लेकिन श्री राम ने उसका वध कर दिया। इसके बाद रावण के प्रतापी पुत्र मेघनाद (इंद्रजीत) ने लक्ष्मण पर ‘शक्ति बाण’ से प्रहार किया। हनुमान जी ने संजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण के प्राण बचाए, जिसके बाद लक्ष्मण ने मेघनाद का वध किया।अंत में, श्री राम और रावण का आमने-सामने युद्ध हुआ। विभीषण की सलाह पर श्री राम ने रावण की नाभि में स्थित अमृत कुंड पर प्रहार किया और उसका वध कर अधर्म पर धर्म की विजय पताका फहराने के बाद माता सीता को मुक्त कराया गया, जिसके बाद उन्होंने अपनी पवित्रता सिद्ध करने के लिए अग्निपरीक्षा दी। वनवास की अवधि पूरी कर श्री राम, माता सीता और लक्ष्मण के साथ पुष्पक विमान से अयोध्या लौटे, जहाँ उनका भव्य स्वागत हुआ और रामराज्य की स्थापना हुई।कथा व्यास जी ने कथा का समापन कर राम जानकी कथा का मूल सार बताया।व्यास जी ने श्रोताओ को बताया की रामायण कथा धर्म, त्याग और मर्यादा का महाकाव्य है। भगवान विष्णु ने श्री राम रूप में अवतार लेकर बुराई (रावण) का नाश किया। यह कथा हमें सत्य की जीत, पिता की आज्ञा, भाई का प्रेम और पति-पत्नी के अटूट विश्वास की प्रेरणा देती है। अधर्म पर धर्म की विजय ही इसका मूल संदेश है।कथा मे मंदिर सचिव ब्रिजेश कुमार शर्मा और मुख्य यजमान जे.पी.अग्रवाल,मंजू अग्रवाल,पुलकित अग्रवाल,सुरभि अग्रवाल,दिलीप गुप्ता हरिनारायण त्रिपाठी,तेज प्रकाश, अनिल चौहान,मानदाता,राकेश मालवीय,रामकुमार,मोहित तिवारी, आदित्य गहलोत,ऋषि,सुनील चौहान,होशियार,जय प्रकाश,राजेंद्र प्रसाद,दिनेश उपाध्याय,रामललित गुप्ता,अवधेश पाल,शरद,रजनीश, आर.सी.अग्रवाल,अलका शर्मा,संतोष चौहान,पुष्पा गुप्ता,नीतू गुप्ता,अंजू पंत,सुमन, अनपूर्णा,गौतम गौतम, बृजेलेश,दीपिका,कौशल्या,सरला शर्मा,राजकिशोरी मिश्रा,मनसा मिश्रा, सुनीता चौहान,बबिता,मीनाक्षी,शालू पांडे और अनेको श्रोता गण कथा के दौरान सम्मिलित रहे।



