आज रविवार को 31 कुंडीय राष्ट्रीय कल्याण महायज्ञ आर्य समाज, सेक्टर 1,बीएचईएल (भेल) हरिद्वार द्वारा आयोजित किया गया। 61वें वार्षिकोत्सव समापन समारोह पर गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के वेद विभाग के आचार्य ज्ञानेंद्र ने यज्ञ पूर्ण करवाया। यज्ञ के मुख्य ब्रह्मा कुरुक्षेत्र से आए आचार्य देवव्रत मीमांसक रहे।
यज्ञ में गिरधारी लाल चंदवानी परिवार मुख्य यजमान बना । उनके द्वारा सभी को दैनिक यज्ञ विधि पुस्तक विस्तृत की गई। डॉ महेंद्र आहूजा ने सत्यार्थ प्रकाश की प्रतियां सभी को उपहारस्वरूप दी।
आचार्य वेदव्रत मीमांसक ने यज्ञ की महिमा का विस्तार से वर्णन किया, जिससे सभी उपस्थित लोगों को ज्ञान और आध्यात्मिकता की प्राप्ति हुई। उन्होंने वामन अवतार, देवासुर संग्राम और पौराणिक कथाओं का जीवन में महत्व इस पर प्रकाश डाला। यज्ञ के ‘इदं न मम’ भाव को अपने जीवन में उपयोग करने के लिए आह्वान किया। पंडित प्रदीप ने दो समय यज्ञ में अपनी आहुति देने के लिए आवाहन किया।
आर्य समाज बीएचईएल(भेल) हरिद्वार के प्रधान एवं भेल के पूर्व कार्यपालक निदेशक डॉ बलवीर तलवार ने बताया कि भेल आर्य समाज के सौंदर्यीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है।
डॉ. बलवीर तलवार ने बताया कि वार्षिकोत्सव समारोह के समापन समारोह अवसर पर 31 कुंडीय राष्ट्र कल्याण यज्ञ में देश भर से आए सदस्यों ने प्रतिभाग किया। यज्ञ के उपरांत स्वस्तिवाचन के साथ सभी को आचार्य ने आशीर्वाद दिया। ध्वजारोहण के साथ सुबह का सत्र समाप्त हुआ।उसके बाद भजन , प्रवचन, और भंडारा- प्रसाद वितरण किया गया।
उत्तराखंड आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान डीपी यादव ने ध्वजारोहण किया।
ध्वजारोहण में आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर रजत अग्रवाल, भेल के पूर्व कार्यपालक निदेशक अनिल कपूर और अन्य गण मान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही।
इस अवसर पर डॉ महेंद्र आहूजा, श्रीमती संतोष, ज्योति आर्य,आर्य समाज के जिला प्रधान डॉ श्याम सिंह आर्य, मंत्री वीरेंद्र आर्य, आर्य वीर दल उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष आचार्य योगेंद्र मेधावी, श्रीमतीअमरेश, मदन सिंह, ओपी बत्रा, श्रीमती किरण एवं आर्य समाज संस्था के जिला एवं राज्य के विभिन्न पदाधिकारी एवं सदस्य आदि उपस्थित थे।




