स्वतंत्रता सेनानियों शहीदों की जीवन गाथाएँ नई पीढ़ी को देशभक्ति से अनुप्राणित करेंगी- भारत भूषण विद्यालंकार
स्वतंत्रता सेनानी परिवारों में देशभक्ति की ऊर्जा का संचार करता है अगस्त माह- जितेन्द्र रघुवंशी
स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति (रजि.) के तत्वावधान में हर महीने प्रथम रविवार दस बजकर दस मिनट स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों शहीदों के नाम* अभियान के अन्तर्गत देश के 22 प्रान्तों में आज ध्वजारोहण, राष्ट्रगीत का गान, स्मारकों, शहीद स्थलों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, शहीदों की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि समर्पित करने के साथ ही आजादी के दीवानों की जीवन गाथाएँ सुनाई गईं। इसी क्रम में हरिद्वार जिले में भी शहीद जगदीश वत्स पार्क निकट जटवाड़ा पुल ज्वालापुर, वटवृक्ष सुनहरा रुड़की, स्वतंत्रता सेनानी स्तंभ रुड़की, लक्सर बहादराबाद में भी प्रतिमाह की भांति कार्यक्रम आयोजित किए गए।
शहीद जगदीश वत्स पार्क ज्वालापुर में हरिद्वार जिले में एकमात्र जीवित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भारत भूषण विद्यालंकार ने ध्वजारोहण किया, शहीद जगदीश वत्स की प्रतिमा पर नायब तहसीलदार अनिल कम्बोज, प्रभात कुमार सेंगर, जगदीश लाल पाहवा तथा अरुण पाठक द्वारा माल्यार्पण किया गया एवं सभी उपस्थित स्वतंत्रता सेनानी शहीद परिवारों, गणमान्य नागरिकों द्वारा पुष्पांजलियां समर्पित की गईं।
इस अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भारत भूषण विद्यालंकार ने देश भर में आयोजित इन कार्यक्रमों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों शहीदों की जीवन गाथाएँ ही नई पीढ़ी को देशभक्ति से अनुप्राणित करेंगी, अतः इन कार्यक्रमों में अधिक से अधिक युवाओं को शामिल करने का प्रयास करना चाहिए।
संगठन के संयुक्त सचिव अनुराग सिंह गौतम ने इस अवसर पर महासचिव जितेन्द्र रघुवंशी द्वारा भेजा गया संदेश पढ़कर सुनाया, जिसमें रघुवंशी ने स्वतंत्रता सेनानी शहीद परिवारों को उनकी गरिमा का भान कराते हुए कहा कि आप सभी जानते हैं अगस्त महीना स्वतंत्रता सेनानी शहीद परिवारों के लिए अति महत्वपूर्ण है, हमारे पूर्वजों के त्याग और बलिदान से मिली आजादी का उत्सव सारा देश मनाता है और नई पीढ़ी को देशभक्ति की भावना से अनुप्राणित किया जाता है। स्वतंत्रता दिवस, भारत छोड़ो आन्दोलन तथा काकोरी काण्ड की स्मृतियाँ हम लोगों को आन्दोलित करती हैं। इसी के साथ 17 वर्षीय ऋषिकुल के छात्र अमर शहीद जगदीश वत्स की पुण्यतिथि भी देशभक्ति का संचार करती है। पूरे देश में 17 वर्ष की उम्र में गांधीजी के आह्वान पर भारत छोड़ो आन्दोलन में 14 अगस्त को शहीद होने वाले एकमात्र शहीद हैं- जगदीश वत्स। असम सरकार शहीद कुशल कोंवर का बलिदान दिवस 15 जून तथा उड़ीसा सरकार शहीद श्रुति विश्वाल का बलिदान दिवस 17 जून को प्रान्तीय स्तर पर ही नहीं, राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित करके हम लोगों को भी आमंत्रित करती हैं। आज नहीं तो कल अमर शहीद जगदीश वत्स की पुण्यतिथि भी प्रान्तीय तथा राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखण्ड सरकार आयोजित करे, इसके लिए भी हमारा संगठन प्रयत्नशील है।
संगठन के कोषाध्यक्ष आदित्य गहलौत ने संगठन द्वारा किए जा रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि पिछले दिनों गृह सचिव उत्तराखण्ड शासन तथा जिलाधिकारी हरिद्वार की बैठकों में हमारे संगठन द्वारा स्वतंत्रता सेनानी परिवारों की समस्याओं की ओर सरकार का ध्यान आकृष्ट किया गया था। इस बीच स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति के अध्यक्ष एवं महासचिव के प्रयासों से द्वाराहाट जिला अल्मोड़ा के महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्री तारादत्त दुर्गापाल जी की सुपुत्री श्रीमती दुर्गा हर्बोला के भीषण बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुए मकान को बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा एक लाख रुपये की आर्थिक मदद प्रदान की गई है। इसी तरह रुड़की के महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पं. मथुरा प्रसाद शर्मा की बेरोजगार पौत्री रेनू शर्मा सुपुत्री स्व. श्री सतीश चन्द्र शर्मा को प्रशासन की मदद से रुड़की के ही कैंटोमेंट स्कूल में नियुक्ति दी गई है। इसके लिए हमारा संगठन प्रशासन के प्रति आभारी है। हरिद्वार तहसील में भी किसी स्वतंत्रता सेनानी परिवार की ऐसी समस्या हो तो हमारे संगठन को जानकारी देने पर यथाशक्ति निराकरण का प्रयास किया जाएगा।
प्रशासन की ओर से नियुक्त नायब तहसीलदार अनिल कम्बोज ने इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक बतलाते हुए सेनानी परिवारों के सम्मान के प्रति अपनी वचनबद्धता दुहराई और इस कार्यक्रम में आने पर गौरवान्वित अनुभव किया। प्रसिद्ध समाजसेवी अरुण पाठक ने स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति द्वारा देशभर में आयोजित इस अभियान को देशभक्ति की अनूठी पाठशाला बताया। गुरुकुल कांगड़ी विश्व विद्यालय के कुलपति प्रभात कुमार सेंगर ने भी उपस्थित जन समुदाय को सम्बोधित करते हुए संगठन द्वारा चलाए जा रहे इस राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम की सराहना की तथा गुरुकुल कांगड़ी विश्व विद्यालय में स्वतंत्रता सेनानी परिवार के छात्रों को 3 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने की भी घोषणा की। प्रसिद्ध समाजसेवी जगदीश लाल पाहवा ने भी अपने विचार रखे। अन्त में श्री अरविन्द कौशिक ने अपने पिता स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्री विलास कौशिक की जीवन गाथा सुनाकर सभी को भाव विभोर कर दिया।
इस देशभक्ति से परिपूर्ण कार्यक्रम में संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अर्जुन सिंह राणा, कैलाश चन्द्र वैष्णव, विवेक शर्मा, आशुतोष चक्रपाणि, वरुण वशिष्ठ, सुधीर कुमार, सतीश कुमार, सुरेन्द्र छाबड़ा, जोगिंद्र सिंह तनेजा, रमेश चंद्र गुप्ता, अरविन्द कौशिक, नरेन्द्र कुमार वर्मा, अशोक कुमार दिवाकर, अशोक चौहान, परमेश चौधरी, शिवेंद्र गहलोत, अंशुल गहलोत, कमल कौशिक, अरविन्द कौशिक, बिजेंद्र कुमार, राहुल कौशिक, रजत कौशिक, अरविन्द शर्मा, विकास दीप, चन्द्र प्रकाश मगन, आकाश दीप, श्रीमती मंजु लता भारती, विनीता कौशिक, लक्ष्मी कौशिक, विशाखा कौशिक सहित स्थानीय गणमान्य नागरिकों की भी उपस्थिति रही।



