पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ का कहना है पिछले दिनों उनपर विभिन्न थाना,कोतवालियों में दर्ज कराए गए चार मुकदमों में से दो को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। उन्हें उम्मीद है कि शेष दो मुकदमों से भी वह बेदाग निकलेंगे और सच्चाई की जीत होगी।
पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ ने आज मीडिया को बताया कि विगत वर्ष मेरे विरूद्ध थाना बहादराबाद FIR No 534/2025
एंव थाना झबरेड़ा में FIR No 356/2025 के लिए मेरे अधिवक्ता वैभव सिंह एंव एस०के शडिल्य के द्वारा याचिका दाखिल की गई थी। इस पर सफाई देते हुए कहा।

इन मुकदमों को उच्च न्यायालय नैनीताल ने खारिज कर दिया है, शेष मुकादमें नेहरू कालोनी FIR no 0420/2025 एंव थाना डालना वाला FIR no 0004/2025 में मैं पुलिस को सहयोग कर रहा हूं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि उसमें भी मैं निर्दोष साबित होऊंगा, क्योकि मेरे द्वारा किसी भी प्रकार की कोई भी ऑडियो और विडियो को प्रसारित नही किया गया है। मेरे द्वारा निरंतर पुलिस को जांच में पूरा सहयोग किया जा रहा है। सहारनपुर निवासी उर्मिला सनावर द्वारा मुझे घर का सदस्य बनाकर रात्रि में 11 बजे के बाद जब में नींद की दवाई लेकर सो रहा था , विडियो की रिकोडिंग करके साजिश के द्वारा मीडिया में प्रसारित कर मेरी राजनीतिक सामाजिक एंव धार्मिक छवि को क्षति पहुचाई साथ ही भाजपा और उत्तराखण्ड सरकार को बदनाम किया है। भाजपा के नेताओं पर झूठे आरोप लगाकर दुष्यंत कुमार गौतम राष्ट्रीय महामंत्री एंव प्रभारी उत्तराखण्ड को भी बदनाम किया गया।

उन्होंने खेद प्रकट करते हुए कहा कि इसमें मेरा कोई भी रोल नही था ।फिर भी मेरे कारण दुष्यंतगौतम, महेन्द्र भट्ट या किसी भी अन्य नेताओं के लिए जो असहजता हुई उसके लिए मैं क्षमा प्रार्थी हूं।
पूर्व विधायक ने कहा कि इन झूठे आरोपों के बाद ही उनपर भाजपा हाईकमान ने निष्कासन की कार्रवाई की थी। कोर्ट के फैसले के बाद वह उम्मीद करते हैं कि भाजपा हाईकमान भी इसका संज्ञान लेगा और उनका निष्कासन जल्द समाप्त कर उनकी ससम्मान वापसी होगी।

